OBC Reservation : ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य एवं अखिल भारतीय कांग्रेस ओबीसी विभाग के पूर्व नेशनल कॉर्डिनेटर राजेन्द्र सेन ने निजी क्षेत्र में भी एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए आरक्षण लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी नौकरियों का दायरा लगातार घट रहा है, जबकि रोजगार का सबसे बड़ा माध्यम निजी क्षेत्र बन चुका है। ऐसे में यदि आरक्षण केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित रहेगा तो संविधान में निहित सामाजिक न्याय और समान अवसर की अवधारणा अधूरी रह जाएगी।
राजस्थान समेत सभी राज्यों में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण की मांग
एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य राजेन्द्र सेन ने केंद्र सरकार से मांग की कि ओबीसी आरक्षण को केंद्र सरकार की तर्ज पर राजस्थान सहित सभी राज्यों में 27 प्रतिशत किया जाए। साथ ही बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों, कॉर्पाेरेट कंपनियों, निजी संस्थानों और निजी शैक्षणिक संस्थानों में भी एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
सरकारी नौकरियां घटने से सीमित हो रहा आरक्षण का लाभ
राजेन्द्र सेन ने कहा कि उदारीकरण और निजीकरण के दौर में सरकारी नौकरियों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। इसका सीधा असर आरक्षण व्यवस्था पर पड़ रहा है, क्योंकि रोजगार के अवसर निजी क्षेत्र में अधिक सृजित हो रहे हैं। ऐसे में सामाजिक रूप से वंचित वर्गों को समान अवसर देने के लिए निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू करना आवश्यक हो गया है।
सरकार बनाए स्पष्ट नीति और कानून
सेन ने कहा कि यदि केंद्र सरकार वास्तव में सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्ध है तो उसे निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू करने के लिए स्पष्ट नीति और मजबूत कानूनी व्यवस्था बनानी चाहिए। उनका कहना है कि इससे संविधान में वर्णित समान अवसर और सामाजिक समावेशन के उद्देश्य को मजबूती मिलेगी।
कांग्रेस ने सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई
सेन ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा सामाजिक न्याय, समान अवसर और संविधान के मूल्यों की पक्षधर रही है। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस युवाओं को रोजगार और शिक्षा में समान भागीदारी दिलाने के लिए निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू करना समय की जरूरत है। उनके अनुसार, इससे समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने और अवसरों की समानता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकेगा।
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