KBP Times

SMS अग्निकांड जांच में खुलासाः नाकाम सिस्टम, गैर ज़िम्मेदार स्टाफ के कारण गई छह लोगों की जान

trauma centre fire

Investigation Report : राजस्थान की राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर में चार माह पहले लगी आग से 6 लोगों की मौत की जांच रिपार्ट में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट में ट्रॉमा सेंटर में मौजूद हॉस्पीटल स्टाफ को जिम्मेदार बताया गया है, कहा गया कि स्टाफ मौके से भाग खडा हुआ था। रात करीब 11.30 बजे आईसीयू में लगी आग के बारे में परिजनों ने स्टाफ को सूचना दी थी। लेकिन स्टाफ ने कोई कार्रवाई नहीं की। स्टोर रूम से धुआं उठता नजर आया तो स्टाफ आधे घंटे तक उसे खोलने के लिए चाबी ही ढूंढता रहा। इतने में आग तेजी से भड़क गई। इतना ही नहीं, मदद करने की बजाय ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग कर्मी, अपना बैग टांगकर बाहर की तरफ भाग निकला। अग्निकांड की जांच को लेकर गठित कमेटी की रिपोर्ट 4 महीने बाद आई है।

जांच रिपोर्ट में स्टाफ को बताया गैर जिम्मेदार

अग्निकांड की जांच रिपोर्ट में स्टाफ की लापरवाही सहित कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। मीडिया में जारी जांच रिपोर्ट के अनुसार आईसीयू का निर्माण नॉर्म्स के अनुसार डिजाइन ही नहीं किया गया। आईसीयू ट्रॉमा सेंटर के सेकेंड फ्लोर पर बना हुआ है। ग्राउंड फ्लोर से आईसीयू तक आवाजाही मुश्किल है। आईसीयू में भी एक ही गेट था। ऐसे में जब 5 अक्टूबर 2025 की देर रात आग लगी तो मरीजों को बाहर निकालना मुश्किल हुआ। ट्रॉमा सेंटर के जिस आईसीयू- 2 में आग लगी, उसकी मूल प्लानिंग में 12 बेड्स डिजाइन किए गए थे। लेकिन बाद में बेड नंबर-12 की जगह पार्टिशन लगाकर स्टोर रूम के तौर पर काम में लिया जाने लगा। स्टोर रूम आईसीयू में ऐसे स्थान था, जहां मरीजों के बेड बेहद पास थे। स्टोर रूम में दवाइयां, कॉटन गॉज, ज्वलनशील पदार्थ जैसे- स्प्रिट को रखा जाता है। यही सबसे घातक साबित हुआ।

आधे घंटे चाबीयां ढूंढते रहे

जाच रिपोर्ट में साफ साफ लिखा है किस तरह चाबी ढूंढने में ही समय निकाल दिया गया। रात करीब 11.35 के आसपास स्टोर रूम में आग लगी थी। सबसे करीबी बेड पर मौजूद मरीज के परिजनों ने तुरंत ही शॉर्ट सर्किट की सूचना वहां मौजूद स्टाफ को दी थी। लेकिन शुरुआती समय में दो-तीन बार स्टाफ ने कोई एक्शन नहीं लिया। जब स्टोर रूम से धुएं का गुबार उठने लगा तो स्टाफ एक्टिव हुआ। स्टोर रूम में ताला लगा था। करीब आधा घंटे तक स्टाफ उसकी चाबी ही ढूंढता रहा। स्टोर रूम के इंचार्ज नर्सिंग इंचार्ज दीनदयाल अग्रवाल और सेकेंड इंचार्ज कमल किशोर गुप्ता थे। चाबी भी उन्हीं के पास थी। दोनों ने ताला लगाने के बाद चाबी कहां रखी थी, ये साथी स्टाफ को नहीं बताया था। इसी कारण चाबी ढूंढने में टाइम लग गया। जांच कमेटी को भी स्टोर के ताले की चाबी नहीं मिली।

मची अफरा-तफरी

आईसीयू में आग लगते ही लोग अस्पताल में एडमिट अपने परिजन को बेड समेत लेकर भागे थे। नर्सिंग ऑफिसर जान बचाने की बजाय मौके से भागा। फॉल सीलिंग में आग फैलने के कारण छत में लगी लाइटें पिघलने लगी। यह देखकर नर्सिंग ऑफिसर उदयसिंह ने वॉर्ड बॉय अमित को ताला तोड़ने को कहा।
नर्सिंग स्टाफ स्टेशन पर रखे खुद के काले रंग के बैग को उठाकर आईसीयू से बाहर निकल गया। इतनी आपात स्थित में नर्सिंग ऑफिसर के इस व्यवहार को कमेटी ने अप्रत्याशित माना है।

सूचना को स्टाफ ने अनदेखी की

जांच रिपोर्ट में यह साबित हुआ है कि मरीज के परिजनों ने आग की सूचना दी। आईसीयू के बेड नंबर-7 पर भर्ती कनक सैनी नाम के मरीज के परिजन ने कमेटी को बताया कि रात 11.40 पर जब वे नीचे खाना खा रहे थे, एक रिश्तेदार आईसीयू में ही था। उसने फोन कर शॉर्ट सर्किट की सूचना दी थी। इसके बाद वे दौड़कर आईसीयू गए भर्ती मरीज को गोद में उठाकर बाहर निकाला। इसी दौरान नर्सिंगकर्मी योगेश आईसीयू से बाहर भागता नजर आया। परिजनों द्वारा बार-बार बताने के बाद भी स्टाफ ने ध्यान नहीं दिया। आग बढ़ने पर मरीजों को बचाने की बजाय दोनों नर्सिंगकर्मियों योगेश और उदय ने अपना ड्युटी पॉइंट छोड़ दिया।

स्टाफ खड़ा रहा, परिजन ही मरीजों को घसीटते हुए लाए बाहर

आग की घटना और जान बचाने के लिए भागते मरीज सीसीटीवी में दिखे थे। रात 11.49 बजे वॉर्ड बॉय अमित आईसीयू के दरवाजे के पास आकर किसी को कुछ कहता हुआ दिख रहा था। इसी दौरान मरीज शीला को उनके पति प्रेम सिंह घसीटकर बाहर ले जाते नजर आए थे। करीब 5 सेकेंड बाद ही एक और अपने परीजन आईसीयू बेड समेत ही अपने मरीज को बाहर लाते नजर आए थे।
करीब 29 सेकेंड बाद 5वां मरीज भी ट्रॉली खींचकर बाहर लाता हुआ नजर आया था। इस दौरान वार्ड बॉय अमित किसी भी मरीज की मदद करता नजर नहीं आया।
अग्निकांड के कारण मरीजों को उनके परिजन बेड सहित सड़क पर खींच लाए थे। आईसीयू के मरीज कई घंटे तक ऐसे खुले में ही रहे।

सुपर स्पेशियलिटी के कर्मचारियों ने मदद की

इस घटना के दौरान ट्रॉमा सेंटर के पास स्थित सुपर स्पेशियलिटी के कई कार्मिकों ने मरीजों को बचाने में तत्परता दिखाई। सुपरवाइजर राजेन्द्र जांगिड़ और विनय सक्सेना ने कुल्हाड़ी से खिड़की तोड़ी और आग बुझाने की कोशिश की।

फायर अलार्म सिस्टम फेल हुआ

आईसीयू में फायर अलार्म सिस्टम और स्मोक डिटेक्टर लगे थे। लेकिन कर्मचारियों से पूछताछ में सामने आया कि तब फायर अलार्म नहीं बजे। फायर फाइटिंग सिस्टम के डेमोन्स्ट्रेशन नर्सिंग अधीक्षक और सुपरवाइजर लेते थे। लेकिन कमेटी द्वारा नर्सिंग अधीक्षक गंगालाल के बयानों से साफ हुआ कि परिसर के बाहरी पॉइंट के प्रेशर को ही एजेंसी द्वारा चेक किया जाता है। अंदर का इंस्पेक्शन नर्सिंग अधीक्षक द्वारा कभी नहीं लिया गया। इसी कारण से फायर फाइटिंग और फायर डिटेक्शन सिस्टम की खामियां कभी उजागर नहीं हो पाईं।

अब तक इन पर हुआ एक्शन

5 अक्टूबर की रात को हुए अग्निकांड में सरकार ने एसएमएस अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक डॉ. सुशील भाटी, ट्रॉमा सेंटर के तत्कालीन प्रभारी डॉ. अनुराग धाकड़ को पद से हटा दिया था। एसएमएस के एक्सईन मुकेश सिंघल को निलंबित कर दिया था साथ ही फायर सेफ्टी के लिए जिम्मेदार एजेंसी एसके इलेक्ट्रिक कंपनी का टेंडर रद्द कर दिया था। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के भी निर्देश दिए थे। वहीं जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई थी। उस कमेटी ने 4 महीने बाद अब रिपोर्ट दी है।

यह भी पढ़ें : कांग्रेस OBC के समन्वयक राजेन्द्र सेन बोले, ‘सरकार बालिकाओ को सुरक्षा देने में फेल’

रिपोर्ट पर जल्द कार्रवाई

चिकित्सा शिक्षा आयुक्त नरेश गोयल ने बताया कि जांच रिपोर्ट आ गई है, इस मामले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जल्द होने वाली है।

यह भी देखें : Jaipur: शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, आंदोलन की चेतावनी 

 

ताजा खबरें

ताजा खबरें

Gums and bad breath

मानसून में मुंह की सफाई का रखें ध्यान, ब्रश करें ताकि बदबू से बचें

Oil Price Hike

रेड सी में तेल टैंकरों पर हमले के बाद उछले कच्चे तेल के दाम, ब्रेंट 95 डॉलर के पार

Raja Raghuvanshi Murder Case

राजा रघुवंशी मर्डर केस: SC ने रद्द की सोनम की जमानत, 3 हफ्ते में सरेंडर का आदेश

NEET and Coaching

छात्र-अभिभावकों की चिंता; NEET की तैयारी, मंहगी Coaching फीस और पेपर लीक

Naresh Meena

नरेश मीणा की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने दिए गिरफ्तारी के आदेश, संपत्ति का रिकॉर्ड भी मांगा

Salman Khan post

सलमान खान की पोस्ट-छात्र आंदोलन शिक्षा का मुद्दा इसे राजनीतिक रंग नहीं दें, आलिया बोली-अपने लिए नहीं लड़ रहे

Parliament Monsoon Session

संसद के बाहर सियासी संग्राम, विपक्षी दल-NDA आमने-सामने, जमकर हुई नारेबाजी

India-Zimbabwe match

भारत और जिम्बाब्वे पहला T-20 आज, श्रेयस की कप्तानी में पहली जीत का इंतजार

Rahul Gandhi

“आपने ही युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया…” PM मोदी के बयान पर राहुल गांधी का पलटवार

2

2