Raashi : पांचाग और ज्योतिषी के अनुसार शनिदेव 20 अगस्त दिन रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में गोचर करने वाले हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, शनि फिलहाल वक्री अवस्था में हैं और वह इस अवस्था में 11 दिसंबर तक रहेंगे। ऐसे में शनि वक्री अवस्था में ही रात 10 बजकर 3 मिनट पर रेवती नक्षत्र में गोचर करने जा रहे हैं। रेवती आकाश मंडल का 27वां नक्षत्र है और इस नक्षत्र के स्वामी बुध देव हैं।
रेवती नक्षत्र में कब तक
शनिदेव इस नक्षत्र में 9 अक्टूबर तक रहेंगे, ऐसे में लगभग 50 दिन तक मेष, कर्क समेत 4 राशियों को बेहद सतर्कता से काम करने की आवश्यकता है। इन राशियों को शनि के नक्षत्र परिवर्तन की वजह से पर्सनल व प्रफेशनल लाइफ में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
मेष राशि पर प्रभाव
मेष राशि वालों के लिए शनि का नक्षत्र परिवर्तन खर्च, मानसिक तनाव और अनावश्यक भागदौड़ बढ़ाने वाला माना जा सकता है। इस अवधि में मेष राशि वाले बिना सोचे-समझे निवेश करने से बचें और धर्म कर्म के कार्यों में मन लगाएं. इस राशि के नौकरीपेशा जातकों की ऑफिस में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और अधिकारियों से बातचीत करते समय शब्दों का चयन सोच-समझकर करें. वहीं कारोबार करने वाले जातकों को किसी नए सौदे में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए और दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए. विदेश यात्रा या दूर की यात्रा से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सावधानी जरूरी हो सकती है. खर्चों पर नियंत्रण रखना और भविष्य के लिए बचत करना लाभकारी रहेगा।
कर्क राशि पर प्रभाव
कर्क राशि वालों के लिए शनि का नक्षत्र परिवर्तन भाग्य, उच्च शिक्षा, लंबी यात्राओं और महत्वपूर्ण निर्णयों से जुड़े मामलों में सावधानी का संकेत दे सकता है. इस अवधि में किसी भी काम का परिणाम तुरंत मिलने की उम्मीद ना रखें. कर्क राशि वालों को नौकरी या बिजनेस में मेहनत अधिक करनी पड़ सकती है और वरिष्ठ लोगों से मतभेद की स्थिति बनने पर धैर्य से काम लेना बेहतर होगा. कानूनी या सरकारी मामलों में कागजात अधूरे ना छोड़ें. साथ ही निवेश से पहले पूरी जानकारी जुटाएं और किसी के दबाव में आकर आर्थिक निर्णय ना लें. परिवार के सदस्यों के साथ संवाद बनाए रखना जरूरी रहेगा।
मकर राशि पर प्रभाव
मकर राशि वालों को मेहनत, करियर और आर्थिक मामलों में विशेष सावधानी बरतनी पड़ सकती है. मकर राशि वालों की इस अवधि में कामकाज में देरी या अतिरिक्त जिम्मेदारियां तनाव बढ़ा सकती हैं. नौकरी बदलने या बड़ा कारोबारी निर्णय लेने से पहले उसके सभी पहलुओं पर विचार करें. लगभग 50 दिन तक मकर राशि वाले क्रोध पर नियंत्रण रखें अन्यथा छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करने से रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है. भाई-बहनों या करीबी लोगों के साथ बातचीत में संयम रखें. वाहन चलाते समय जल्दबाजी ना करें और यात्रा के दौरान सावधानी बरतें. आर्थिक रूप से बजट बनाकर चलना और अनावश्यक खर्च रोकना इस अवधि में उपयोगी रहेगा।
यह भी पढ़ें –सुहागिनों और अविवाहित कन्याओं का मंगलकारी पर्व है हरियाली तीज
यह भी देखें – डांगावास नरसंहार केस में 40 आरोपी बरी, जयपुर में फूटा SC/ST समाज का गुस्सा | Dangawas Case Protest



