Reaction : आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने आज अजमेर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस पर की गई टिप्पणियों को “राजनीतिक हताशा का परिणाम” बताया है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री ने गैर-राजनीतिक मंच का उपयोग केवल आरोप-प्रत्यारोप के लिए किया, जबकि अजमेर और राजस्थान ठोस घोषणाओं की उम्मीद कर रहे थे। राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास बलिदान और आजादी के आंदोलन से जुड़ा रहा है, जिसे न देश भुला सकता है और न दुनिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री जिन शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं, वे राजस्थान की माटी और अजमेर की गंगा-जमुनी तहजीब के विपरीत हैं।
विकास के नए आयाम
धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा कि अजमेर की पावन धरा पर यदि विकास के नए आयाम स्थापित किए जाते तो जनता को वास्तविक लाभ मिलता, उन्होंने राजस्थान को नदियों से जोड़ने के दावे पर सवाल उठाते हुए राठौड़ ने कहा कि अजमेर में आज भी लोगों को समय पर पीने का पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ERCP जैसी योजनाएं कागजों तक सीमित हैं और धरातल पर जनता को कोई लाभ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि यदि आज प्रधानमंत्री सरकारी मंच से कांग्रेस को कोसने के बजाय पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने की घोषणा करते तो किसानों, मजदूरों और बेरोजगार युवाओं को राहत मिलती।
यह भी पढ़ें : पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ बोले, ‘मोदी सरकार की तानाशाही के युग का जल्द होगा अंत’
न कोई ठोस विजन सामने आया, न पुख्ता कार्ययोजना
राठौड़ ने कहा कि “अजमेरवासियों ने उम्मीदों के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया था, लेकिन न कोई ठोस विजन सामने आया, न पुख्ता कार्ययोजना। “डबल इंजन की बात करने वाली सरकार अजमेर में ट्रिपल इंजन” के बावजूद सफाई, पानी, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों पर मोर्चा संभालने में विफल रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 में किए गए वर्चुअल शिलान्यास 2026 तक भी धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं—चाहे वह रेलवे पुलिया का मामला हो या अन्य विकास कार्य। राठौड़ ने कहा, “प्रधानमंत्री का विरोध कब से देश का विरोध हो गया? संविधान हमें असहमति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है। कांग्रेस जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाती रहेगी।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अजमेर यात्रा में ठोस विकास घोषणाओं का अभाव रहा और जनता को फिर वही “ढाक के तीन पात” देखने को मिले।
यह भी देखें : “OBC को लावारिस समझ रखा है…” | राजस्थान में जाट महासभा का सरकार पर बड़ा हमला | राजाराम मील EXCLUSIVE



