World Strangest Diseases: आमतौर पर बीमारियों की बात करें तो हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, माइग्रेन, कैंसर या स्ट्रोक जैसी बीमारियां दिमाग में आती हैं। लेकिन इनके अलावा दुनिया में कुछ ऐसी दुर्लभ बीमारियां (World Strangest Diseases) भी हैं, जो बेहद कम लोगों को प्रभावित करती हैं और इनके लक्षण सुनकर होश उड़ सकते हैं। ये बीमारियां इतनी रेयर हैं कि इनका इलाज भी मुश्किल या नामुमकिन होता है। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ विचित्र बीमारियों के बारे में।
रेयर बीमारी है क्या ?
रेयर बीमारियां वे होती हैं जो बहुत कम लोगों (दुनिया में 1-2 लाख में से कुछ ही) को प्रभावित करती हैं। ज्यादातर जेनेटिक होती हैं और इनकी पहचान व इलाज बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। कई मामलों में ये जानलेवा भी साबित होती हैं। दुनिया में 7,000 से ज्यादा रेयर बीमारियां ज्ञात हैं, जो कुल मिलाकर करोड़ों लोगों को प्रभावित करती हैं।
1. राइबोस-5-फॉस्फेट आइसोमेरेज डेफिशिएंसी (RPI Deficiency)
दुनिया की दूसरी सबसे दुर्लभ बीमारी मानी जाती है। शरीर में एक जरूरी एंजाइम की कमी से मांसपेशियों में अकड़न, दौरे पड़ना और दिमाग के सफेद हिस्से को नुकसान होता है। अब तक सिर्फ 4 मामले सामने आए हैं (1984 से 2019 तक)। कोई इलाज नहीं है।
2. फील्ड्स कंडीशन (Fields’ Disease)
दुनिया की सबसे दुर्लभ बीमारी! एक न्यूरोमस्कुलर डिसऑर्डर जो मांसपेशियों को धीरे-धीरे कमजोर करता है और दर्दनाक स्पाज्म पैदा करता है। अब तक सिर्फ 3 ज्ञात मामले हैं, जिनमें वेल्स की जुड़वा बहनें कैथरीन और किर्स्टी फील्ड्स शामिल हैं। कोई इलाज नहीं, रिसर्च भी सीमित।
3. हचिंसन-गिलफोर्ड प्रोजेरिया सिंड्रोम (Progeria)
इसमें बच्चों में समय से पहले बुढ़ापा आ जाता है। 2-3 साल की उम्र में झुर्रियां, बाल झड़ना, कमजोर हड्डियां और दिल की बीमारियां शुरू हो जाती हैं। बच्चे बुजुर्ग जैसे दिखने लगते हैं। बेहद दुर्लभ (1 में 4-8 मिलियन) और जेनेटिक। औसत जीवनकाल 14 साल। कोई पूरा इलाज नहीं, लेकिन कुछ दवाएं लक्षणों को नियंत्रित करती हैं
4. मेथेमोग्लोबिनेमिया (Methemoglobinemia)
खून में एक खास तरह का हीमोग्लोबिन बढ़ने से त्वचा, होंठ और नाखून नीले पड़ जाते हैं। मशहूर “ब्लू पीपल ऑफ केंटकी” इसी से प्रभावित थे। जेनेटिक या केमिकल एक्सपोजर से होता है। इलाज मेथिलीन ब्लू से संभव है।
5. एक्वाजेनिक अर्टिकेरिया (Aquagenic Urticaria)
पानी से एलर्जी!पानी के संपर्क में आते ही त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते और हाइव्स हो जाते हैं – चाहे बारिश, पसीना या नहाना। सिर्फ 100 से कम मामले दर्ज। पीने से आमतौर पर नहीं होता, लेकिन त्वचा छूने से जरूर। एंटीहिस्टामाइन से नियंत्रित किया जा सकता है।
6. फॉरेन एक्सेंट सिंड्रोम (Foreign Accent Syndrome)
दिमाग में चोट या स्ट्रोक के बाद व्यक्ति अपनी भाषा को अचानक विदेशी लहजे में बोलने लगता है। जैसे कोई भारतीय अंग्रेजी में फ्रेंच एक्सेंट में बोले। बेहद रेयर, ज्यादातर न्यूरोलॉजिकल कारण से।
7. फाइब्रोडिस्प्लेसिया ऑसिफिकैंस प्रोग्रेसिवा (FOP)
स्टोन मैन सिंड्रोममांसपेशियां, टेंडन और लिगामेंट्स धीरे-धीरे हड्डियों में बदल जाते हैं, शरीर “पत्थर का” बन जाता है। कोई चोट लगने पर प्रक्रिया तेज हो जाती है। दुनिया में सिर्फ 800-900 मामले। कोई इलाज नहीं, सर्जरी से और बिगड़ता है।
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डॉक्टर से जरूर सलाह लें!
ये बीमारियां (World Strangest Diseases) दिखाती हैं कि मेडिकल साइंस कितनी जटिल है। रेयर डिसीज डे (28 फरवरी) पर इनके बारे में जागरूकता फैलाना जरूरी है, ताकि रिसर्च और इलाज में मदद मिले। अगर आपको कोई असामान्य लक्षण दिखे



