Toxic Lead in Vegetables: सब्जियां जो सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं क्या वो सब्जी हमारे लिए सुरक्षित है ?दरसल हाल ही में सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की एक रिपोर्ट ने इस पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बेंगलुरु और आसपास के लोकल बाजारों से ली गई 72 सब्जियों के सैंपल में से 19 (लगभग 26%) में लेड (Lead) नाम की जहरीली भारी धातु तय सीमा से ज्यादा पाई गई। यह रिपोर्ट 12 फरवरी 2026 को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को सौंपी गई थी।यह समस्या नई नहीं है, लेकिन अब आधिकारिक जांच से पुष्टि हो गई है। आइए जानते हैं रिपोर्ट में क्या सामने आया, लेड सेहत को कैसे नुकसान पहुंचाता है और खुद को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं।
रिपोर्ट में क्या सामने आया?
- जांच FSSAI से मान्यता प्राप्त लैब में हुई, जिसमें 11 भारी धातुओं, 3 मिनरल्स और 230 कीटनाशकों की टेस्टिंग की गई।
- 19 सब्जियों में लेड की मात्रा FSSAI की सुरक्षित सीमा (0.1 mg/kg) से ज्यादा पाई गई।
- सबसे ज्यादा प्रभावित: बैंगन (Brinjal) – एक सैंपल में 1.953 mg/kg लेड, यानी सुरक्षित सीमा से लगभग 20 गुना ज्यादा।
- अन्य प्रभावित सब्जियां: लौकी (Ivy Gourd/Tinda), बीन्स (Flat Beans), चुकंदर, पत्ता गोभी, शिमला मिर्च, मिर्च, खीरा, गांठ गोभी, स्क्वैश, सलूयोट पत्ते (जूट के पत्ते) आदि।
- 10 सैंपल में कीटनाशकों (कुछ प्रतिबंधित जैसे monocrotophos) की मात्रा भी सीमा से ज्यादा पाई गई।
- सैंपल राजाजीनगर, नेलमंगल, कोलार, चिक्कबल्लापुर जैसे इलाकों से लिए गए। यहां तक कि कुछ “ऑर्गेनिक” लेबल वाली सब्जियों में भी लेड पाया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, लेड (Toxic Lead in Vegetables) का यह संचय मुख्य रूप से अर्ध-उपचारित सीवेज पानी से सिंचाई और शहर की हवा से गिरने वाले प्रदूषण के कारण होता है।
लेड सेहत के लिए कितना खतरनाक है?
लेड एक धीमा जहर (Slow Poison) है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 2021 में लेड एक्सपोजर से दुनिया भर में 15 लाख से ज्यादा मौतें हुईं, ज्यादातर दिल की बीमारियां।
- बच्चों पर सबसे ज्यादा असर: नर्वस सिस्टम प्रभावित होता है, जिससे सीखने की क्षमता, व्यवहार और IQ कम हो सकता है। लक्षण अक्सर दिखते नहीं, सिर्फ ब्लड टेस्ट से पता चलता है।
- बड़ों में: किडनी, हार्ट, ब्लड प्रेशर और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं।
विशेषज्ञों के अनुसार“लेड की कोई सुरक्षित मात्रा नहीं होती। यह जड़ों से पौधे में पहुंचकर अंदर तक रह जाता है, इसलिए धोने या छीलने से पूरी तरह नहीं निकलता।”
यह समस्या कब से चल रही है?
यह कोई नई बात नहीं। अक्टूबर 2023 में NGT ने EMPRI की एक स्टडी पर संज्ञान लिया था, जिसमें बेंगलुरु की सब्जियों में भारी धातुओं की मौजूदगी पाई गई। इसके बाद CPCB को जांच के निर्देश दिए गए थे।
खुद को कैसे बचाएं?
- सब्जियां अच्छे से धोएं: बहते पानी में 2-3 बार धोएं, सिरका या बेकिंग सोडा वाले पानी में 10-15 मिनट भिगोकर धोने से सतह के केमिकल्स कम हो सकते हैं।
- छीलने वाली सब्जियां छीलें: जहां संभव हो (जैसे गाजर, आलू, खीरा), छीलकर इस्तेमाल करें।
- बैलेंस्ड डाइट लें: बच्चों को आयरन, कैल्शियम और विटामिन C से भरपूर भोजन दें (दाल, दूध, फल, हरी सब्जियां) – ये लेड के अवशोषण को कम करते हैं।
- सोर्स चुनें: जहां संभव हो, भरोसेमंद फार्मर्स या ऑर्गेनिक मार्केट से खरीदें, लेकिन लेबल पर भरोसा न करें – हमेशा जांचें।
- नियमित जांच: अगर लक्षण जैसे थकान, पेट दर्द, सिरदर्द दिखें, तो ब्लड लेड लेवल टेस्ट करवाएं।
- सरकारी एक्शन का इंतजार: NGT और CPCB इस पर काम कर रहे हैं, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर सतर्क रहना जरूरी है।
यह रिपोर्ट हमें याद दिलाती है कि रोजमर्रा की सब्जियां भी प्रदूषण से प्रभावित हो सकती हैं। ज्यादा जानकारी के लिए FSSAI गाइडलाइंस चेक करें और डॉक्टर से सलाह लें।



