SI भर्ती 2021: री-एग्जाम में हुए पेपर को लेकर अभ्यर्थियों ने इसे रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की मांग की है। अभ्यर्थियों ने कहा- आयोग की ओर से तैयार किए गए पेपर का पैटर्न सिलेबस के अनुरूप नहीं था और पेपर का स्तर काफी कठिन रहा। स्टूडेंट्स ने कहा- जीके के पेपर में 36 फीसदी न्यूनतम अनिवार्य अंक का नियम पूरा करना भी अभ्यर्थियों के लिए मुश्किल हो रहा है। ऐसे में अभ्यर्थियों की मांग है कि मौजूदा पेपर को रद्द कर सिलेबस के अनुरूप नए पैटर्न के साथ दोबारा परीक्षा कराई जाए। इसी मांग को लेकर कई अभ्यर्थी मंगलवार को शहीद स्मारक पर धरने पर बैठ गए।
एग्जाम में रिलेवेंट सवाल नहीं पूछे गए
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता लादूराम ने कहा- आयोग की तरफ से जानबूझकर ऐसा किया है। उनका कहना है कि स्टूडेंट ने चार साल संघर्ष किया, तब यह भर्ती रद्द हुई। उन्होंने कहा- जब अभ्यर्थी पेपर दे रहे थे तो उन्हें पेपर को पढ़ने और समझने में दो घंटे लगे थे। ऐसे में पास कैसे होंगे। इससे मेहनती स्टूडेंट भी पास नहीं हो रहे हैं।
पिछली बार सिलेक्शन हुआ, इस बार पेपर टफ
SI भर्ती की अभ्यर्थी पायल ने कहा- मेरा सिलेक्शन साल 2021 की भर्ती में हो गया था, लेकिन भर्ती रद्द हो गई तो फिर से तैयारी की। इस बार एग्जाम दिया तो लगा कि पेपर बहुत टफ आया है और पैटर्न बिल्कुल अलग है। ऐसे में पेपर फिर से करवाया जाना जरूरी है। वहीं अभ्यर्थी मीनाक्षी ने कहा- पेपर लॉजिकल-वे में नहीं हुआ। आयोग ने यह तर्क दिया है कि पेपर सैटर में कमी हुई है तो फिर रद्द कर देना चाहिए। मीनाक्षी ने आरोप लगाया कि री-एग्जाम में संबंधित प्रश्न नहीं पूछे गए और फैक्ट तक समझ नहीं आ रहा था। ऐसे में कोई भी स्टूडेंट पास नहीं हो पाएगा। सारे पद ऐसे ही खाली रहेंगे।
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