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केन्द्र सरकार चाहती है 800 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनाना, एजुकेशन बजट में हो सकती है घोषणा

girls education and finance minister

Education Budget: देश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार एक बड़े कदम की तैयारी में है. चर्चा है कि केन्द्र सरकार 800 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनाना चाहती है और इस योजना की बजट 2026 में घोषणा हो सकती है. माना जा रहा है कि इस बार एजुकेशन बजट में खासतौर पर बेटियों की पढ़ाई को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा.

800 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल की योजना

केंद्र सरकार का मानना है कि आज भी देश में लाखों लड़कियां सिर्फ इसलिए पढ़ाई छोड़ देती हैं, क्योंकि उनके घर से कॉलेज या यूनिवर्सिटी बहुत दूर होते हैं. सुरक्षित रहने की व्यवस्था न होने के कारण माता-पिता बेटियों को बाहर भेजने से डरते हैं. इसी समस्या को खत्म करने के लिए सरकार सभी 800 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की योजना पर काम कर रही है.

शिक्षा मंत्रालय ने इस योजना का प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेज दिया है. अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक रहा, तो बजट 2026 में इसकी आधिकारिक घोषणा हो सकती है. इस योजना के तहत हर जिले में आधुनिक सुविधाओं से लैस हॉस्टल बनाए जाएंगे, ताकि लड़कियां बिना किसी चिंता के उच्च शिक्षा हासिल कर सकें.
बजट सत्र 2026 में शिक्षा को लेकर क्या खास होगा, इस पर हर किसी की नजर बनी हुई है. हर साल की तरह इस बार भी शिक्षा क्षेत्र को बजट से काफी उम्मीदें हैं. खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाली बेटियों के लिए सरकार कुछ बड़ा करने की तैयारी में दिख रही है.

बेटियों की पढ़ाई पर सरकार का खास जोर

सरकार का लक्ष्य है कि देश में उच्च शिक्षा में बेटियों की भागीदारी तेजी से बढ़े. यही वजह है कि शिक्षा मंत्रालय सकल नामांकन अनुपात यानी जीईआर को 50 प्रतिशत तक पहुंचाने पर काम कर रहा है. अभी कई राज्यों में यह आंकड़ा काफी कम है, खासकर ग्रामीण इलाकों में.

ड्रॉपआउट रोकने की तैयारी

सरकारी आंकड़े बताते हैं कि बड़ी संख्या में छात्र, खासकर छात्राएं, 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ देती हैं. इसके पीछे दूरी, सुरक्षा और आर्थिक कारण बड़ी वजह होते हैं. सरकार चाहती है कि इन कारणों को धीरे-धीरे खत्म किया जाए.

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गर्ल्स हॉस्टल बनने से उन छात्राओं को सीधा फायदा मिलेगा, जो गांव या छोटे कस्बों से बड़े शहरों में पढ़ाई करना चाहती हैं. सुरक्षित और सस्ती रहने की सुविधा मिलने से उनके लिए कॉलेज जाना आसान हो जाएगा.

दो शिफ्ट में कॉलेज, ऑनलाइन पढ़ाई पर भी चर्चा

सिर्फ हॉस्टल ही नहीं, सरकार शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए कई और विकल्पों पर भी विचार कर रही है. राज्यों से कहा गया है कि वे जीईआर बढ़ाने के लिए अपना-अपना प्लान तैयार करें. इसमें कॉलेजों में दो शिफ्ट में कक्षाएं चलाने की संभावना भी शामिल है, ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्रों को दाखिला मिल सके.

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