PM Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आज मानवता के सामने अनेक बड़ी चुनौतियां हैं। पहले कोरोना, फिर युद्ध और अब ऊर्जा संकट से जूझ रही है। ये दशक दुनिया के लिए आपगदाओं का दशक बन गया है। अगर हालात नहीं बदले तो बीते अनेक दशकों के काम पर पानी फिर जाएगा। दुनिया की बहुत बड़ी आबादी गरीबी के दलदल में फंस जाएगी। मोदी इन दिनों के नीदरलैंड दौरे पर हैं। उन्होंने ने द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए दुनिया के मौजूदा हालात पर चिंता जताई।
यूरोप में भारत का गेटवे बनेगा नीदरलैंड
भारतीय बिजनेस के लिए नीदरलैंड यूरोप में एंट्री का नैचुरल गेटवे बनेगा। पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों को दोनों देशों के बीच भरोसेमंद ब्रिज बताया। मोदी ने कहा कि हालात नहीं बदले तो दुनिया की बड़ी आबादी गरीबी की ओर जा सकती है। भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। देश में 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप हैं। भारत में एक साल में 20 बिलियन से ज्यादा न्च्प् ट्रांजेक्शन हुए। दुनिया के आधे डिजिटल ट्रांजेक्शन भारत में हो रहे हैं। भारत ।प् और सेमीकंडक्टर सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में 12 सेमीकंडक्टर प्लांट्स पर काम चल रहा है, जिनमें से 2 में प्रोडक्शन शुरू हो चुका है। 16 मई 2014 को दशकों बाद भारत में पूर्ण बहुमत वाली स्थिर सरकार बनी थी। उन्होंने कहा कि करोड़ों भारतीयों का भरोसा उन्हें न रुकने देता है और न थकने देता है। नीदरलैंड में भारतीयों का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि डच नेतृत्व हमेशा भारतीय समुदाय की प्रशंसा करता है।
महिलाओं की भागीदारी
द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में बढ़ते वोटिंग प्रतिशत और महिलाओं की बड़ी भागीदारी का भी जिक्र किया। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हालिया विधानसभा चुनावों में 80 से 90 प्रतिशत तक मतदान हुआ। उन्होंने कहा कि चुनावों में महिलाओं की भागीदारी भी बेहद ज्यादा रही। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में हर साल वोटिंग के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। उन्होंने इसे भारत के लोकतंत्र की मजबूती का संकेत बताया।
टयूलिप और कमल
भारत में भी दुनिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन जम्मू कश्मीर में है। जिस तरह नीदरलैंड को ट्यूलिप के लिए जाना जाता है वैसे ही भारत कमल के लिए जाना जाता है। ट्यूलिप और कमल दोनों फूल हमें बताते हैं कि जड़े जाहे पानी में हो या धरती पर अगर सही पोषण मिले तो सुंदरता भी मिलती है और मजबूती भी आ जाती है। यही भारत और नीदरलैंड के बीच पाटर्नरशिप का भी आधार है।
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