Budget speech 2026: आज (1 फरवरी 2026) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवां यूनियन बजट लोकसभा में पेश कर रही हैं। बजट भाषण की शुरुआत में उन्होंने कहा कि यह बजट ‘युवाशक्ति’ से प्रेरित है और तीन प्रमुख कर्तव्यों पर आधारित है। सरकार का आर्थिक रोडमैप मजबूत करने के लिए यह बजट एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। टैक्सपेयर्स, बिजनेसमैन और शेयर बाजार की नजरें अगले वित्त वर्ष के लिए आने वाले बड़े ऐलानों पर टिकी हुई हैं।
बजट 2026 की बड़ी घोषणाएं
नया मालगाड़ी रास्ता (Freight Corridor): पश्चिम बंगाल के डानकुनी से जुड़ा नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर शुरू होगा, जो लॉजिस्टिक्स और कार्गो ट्रांसपोर्ट को मजबूत बनाएगा।
इंफ्रा पर रिकॉर्ड खर्च: अगले वित्त वर्ष (2026-27) के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपए तय किया गया है – पिछले साल के 11.2 लाख करोड़ से काफी ज्यादा। इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बड़ा बूस्ट!
रेयर अर्थ कॉरिडोर: केरल, तमिलनाडु, ओडिशा में दुर्लभ खनिजों (Rare Earths) के लिए स्पेशल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। आंध्र प्रदेश को भी शामिल किया जाएगा, ताकि खनिज-समृद्ध राज्यों को ज्यादा फायदा मिले और भारत क्रिटिकल मिनरल्स में आत्मनिर्भर बने।
टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा: देशभर में बड़े टेक्सटाइल पार्क्स स्थापित किए जाएंगे, जिससे मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट बढ़ेगा।
दवाइयों में ‘शक्ति’ योजना:10,000 करोड़ रुपए के निवेश से ‘बायो-फार्मा शक्ति’ योजना लॉन्च होगी। इसमें तीन नए संस्थान खोले जाएंगे, ताकि भारत ग्लोबल बायोफार्मा हब बने।
चिप मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा कदम: इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 लॉन्च किया जाएगा, सेमीकंडक्टर सेक्टर को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए।
इलेक्ट्रॉनिक्स पर फोकस: मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स (कलपुर्जे) बनाने के लिए बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपए कर दिया गया है – मेक इन इंडिया को नई ताकत मिलेगी।
बजट 2026 का विजन: तीन मुख्य कर्तव्य
- रफ्तार : उत्पादकता (Productivity) बढ़ाकर आर्थिक विकास की गति को तेज करना, प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत करना और वैश्विक अस्थिरताओं से लचीलापन (Resilience) बनाना।
- क्षमता : लोगों की क्षमताओं को निखारना और उनकी आकांक्षाओं को पूरा करना, ताकि वे भारत की समृद्धि के मजबूत भागीदार बन सकें।
- सबका साथ : हर परिवार, समुदाय, क्षेत्र और सेक्टर को कमाई के पर्याप्त संसाधन, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराना – ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विजन के अनुरूप।
ये तीन कर्तव्य बजट को ‘कर्तव्य भवन’ में तैयार होने वाले पहले बजट के रूप में खास बनाते हैं, जो गरीबों, वंचितों और युवाओं पर फोकस करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाएंगे।



