RBI : मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, RBI के ब्याज दर बढ़ाने की चर्चा से शेयर बाजार में हलचल मच गई है। दरअसल शेयर बाजार में RBI रिपोर्ट के बाद घबराहट फैली जिसमें कहा गया कि RBI रुपये को संभालने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक RBI ब्याज दर बढ़ाने, अतिरिक्त करेंसी स्वैप और विदेशी निवेशकों से डॉलर जुटाने जैसे कदमों पर चर्चा कर सकता है.अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं तो उसका असर सीधे शेयर बाजार पर पड़ता है. कंपनियों के लिए कर्ज महंगा हो जाता है, निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता घटती है और बाजार से लिक्विडिटी कम होने लगती है. यही वजह रही कि जैसे ही रेट हाइक की चर्चा तेज हुई, बाजार में बिकवाली बढ़ गई. RBI की अगली मॉनेटरी पॉलिसी 5 जून को आने वाली है. इसलिए निवेशकों की नजर अब उस बैठक पर टिक गई है.
ऊंचे स्तर पर निवेशकों ने की मुनाफावसूली
बाजार में शुरुआती तेजी के बाद कई निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली शुरू कर दी. पिछले कारोबारी दिन यानी बुधवार को भी बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ था. सेंसेक्स 117.54 अंक चढ़कर 75,318.39 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 41 अंक बढ़कर 23,659 पर पहुंचा था. लगातार तेजी के बाद ट्रेडर्स ने सुरक्षित रणनीति अपनाई और मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया. इसका असर सबसे ज्यादा उन शेयरों में दिखा जिनमें पिछले कुछ दिनों में तेज उछाल आया था.
एफआईआई की लगातार बिकवाली ने बढ़ाया दबाव
विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII लगातार भारतीय बाजार में बिकवाली कर रहे हैं. बुधवार को FII ने 1,597.35 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए.जब विदेशी निवेशक लगातार पैसा निकालते हैं तो उसका असर पूरे बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ता है. इससे बाजार में लिक्विडिटी घटती है और रुपये पर भी दबाव बढ़ता है. यही वजह है कि निवेशकों में सतर्कता बढ़ती जा रही है.मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक FII की बिकवाली नहीं रुकती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.
ग्लोबल बाजारों से भी नहीं मिला सपोर्ट
घरेलू बाजार पर कमजोर ग्लोबल संकेतों का भी असर दिखा. एशियाई बाजारों में चीन का एसएसई कंपोजिट इंडेक्स कमजोरी के साथ कारोबार कर रहा था. वहीं हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी हल्की गिरावट में था. इसके अलावा अमेरिकी बाजारों के फ्यूचर्स भी दबाव में दिखाई दिए, जिससे संकेत मिले कि वॉल स्ट्रीट की शुरुआत भी कमजोर रह सकती है. ऐसे माहौल में भारतीय बाजार पर दबाव और बढ़ गया.
ओला इलेक्ट्रिक में बड़ी गिरावट
कंपनी आधारित गतिविधियों में भी बाजार में बड़ा अंतर देखने को मिला. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी व्सं म्समबजतपब के शेयर करीब 4 फीसदी टूट गए.मार्च तिमाही में कंपनी की आमदनी कमजोर रही, जिसके बाद ब्रोकरेज हाउसेज ने प्राइसिंग प्रेशर और बिजनेस एग्जीक्यूशन को लेकर चिंता जताई. इससे निवेशकों ने शेयर में बिकवाली की. दूसरी तरफ आईवियर रिटेल कंपनी स्मदेांतज ैवसनजपवदे के शेयर करीब 6 फीसदी चढ़ गए. कंपनी की मार्च तिमाही की आमदनी में सालाना आधार पर करीब 46 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ.
इमामी के तिमाही नतीजों ने किया निराश
FMCG कंपनी मार्च तिमाही के नतीजे कमजोर रहे हैं. कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर घटकर 143 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 162 करोड़ रुपये था. यानी कंपनी के प्रॉफिट में गिरावट देखने को मिली है.कंपनी की आमदनी में भी दबाव नजर आया. चौथी तिमाही में कंसोलिडेटेड आय घटकर 925 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 963 करोड़ रुपये थी. कमजोर डिमांड और बढ़ते खर्च का असर कंपनी के प्रदर्शन पर दिखाई दिया.इमामी का एबिट्डा भी घटा है. कंपनी का एबिट्डा 219.4 करोड़ रुपये से फिसलकर 186.6 करोड़ रुपये पर आ गया. इसके साथ ही एबिट्डा मार्जिन भी 23ः से घटकर 20.2ः रह गया. मार्जिन में आई यह गिरावट बताती है कि कंपनी पर कॉस्ट प्रेशर बढ़ा है.मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि कच्चे माल की लागत और कमजोर ग्रामीण मांग का असर एफएमसीजी कंपनियों के नतीजों पर दिख रहा है. इमामी के नतीजों में भी यही दबाव साफ नजर आया.



