West Bengal First Cabinet Meeting:पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सुवेंदु अधिकारी फुल एक्शन मोड़ में नजर आ रहे हैं. सीएम सुवेंदु अधिकारी ने आज सोमवार को कैबिनेट की पहली बैठक ली. उन्होंने कहा कि उनकी कैबिनेट डबल इंजन सरकार की जो रूपरेखा है, जैसे एनडीए शासित अन्य 20 राज्य में चलती है उसी हिसाब से चलेगी. कैबिनेट की पहली बैठक में मुख्यमंत्री ने कई बड़े फैसले किए.
कैबिनेट की पहली बैठक में लिए गए फैसले
आयुष्मान भारत योजना का कार्य शुरू हो गया है, जल्द ही लागू किया जाएगा. राज्य ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, फसल योजना, फसल योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं और अन्य सभी केंद्रीय योजनाओं के तहत अपना पंजीकरण कराया है. जल्द ही इसे लागू किया जाएगा. उज्जवला योजना के लिए सभी याचिकाएं केंद्रों में लंबित हैं.
आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण को अनुमति दी जाएगी. राज्य में बीएनएस लागू नहीं किया गया था. पश्चिम बंगाल को तत्काल बीएमएस लागू करना होगा.
राज्य सरकार की नौकरियों के लिए 5 साल का विस्तार.
जनगणना: गृह मंत्रालय के 16 जून 2025 के जनगणना निर्देश को तुरंत लागू किया गया, जिसे पिछली सरकार ने रोक रखा था.
सीमा सुरक्षा: BSF को जरूरी जमीन देने की प्रक्रिया तुरंत शुरू. मुख्य सचिव और भूमि सचिव को 45 दिन में जमीन हस्तांतरण पूरा करने का निर्देश.
बैठक के बाद मुख्यमंत्री पीसी को किया संबोधित
बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सीएम सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि आज, बिल्कुल पहले ही दिन, हमने केंद्रीय रक्षा कार्यालय और BSF के लिए सीमाओं को सुरक्षित करने हेतु भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया को मंज़ूरी दे दी है. आज से भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. 45 दिनों के भीतर BSF के लिए आवश्यक भूमि का हस्तांतरण पूरा हो जाना चाहिए. हमारे गृह मंत्री ने यही कहा था.
उन्होंने कहा कि BNS यानी भारतीय न्याय संहिता, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में संसद के दोनों सदनों ने काफी पहले ही मंज़ूरी दे दी थी. इस पर राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर कर दिए हैं और यह अब कानून बन गया है. आज से, पश्चिम बंगाल ने संविधान का पालन करते हुए BNS को अपना लिया है. पहले के CRPC और IPC कानून अब लागू नहीं हैं. आज से, हमारा काम भारतीय न्याय संहिता के तहत शुरू हो गया है और इसे सबसे पहले कैबिनेट ने मंज़ूरी दी थी.



