Iran Attacks US-Israel: अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान का युद्ध लगातार जारी है. इसी बीच आज 6 मार्च को अमेरिका सेना की तरफ से दावा किया गया कि उन्होंने ईरान के 30 से ज्यादा जहाज डुबो दिए हैं. जिसमें ईरानी ड्रोन जहाज भी शामिल है. वहीं युद्ध के पहले दिन से अबतक ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में 90 प्रतिशत की कमी आ गई है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड प्रमुख एडमिरल ब्रैड कपूर के अनुसार, ईरान के जिन 30 से ज्यादा जहाजों को पूरी तरह डूबोया गया है उसमें बड़े-बड़े युद्धपोत, छोटे जहाज और एक ड्रोन जहाज शामिल है. इनके उपयोग ईरान हथियार पहुंचाने हमले करने और समुद्र में घुसपैठ करने के लिए कर रहा था. जहाजों के नष्ट होने से ईरान की समुद्री ताकत कमजोर हुई है.
“हमलों में 90 प्रतिशत की कमी आई”
ईरान ने युद्ध के पहले इजराइल और अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थी. ब्रैड कपूर के अनुसार अब इन हमलों में 90 प्रतिशत की कमी आई है. ईरान के पास अब मिसाइलें कम बची हैं. उसकी सप्लाई लाइन भी टूट चुकी है. ईरान की समुद्री राहों को अमेरिकी सेना ने बंद कर दिया है. जिससे नई मिसाइलें लाना मुश्किल हो गया है. ईरान की हमला करने की क्षमता बहुत कम हो गई है, जिससे पूरा क्षेत्र शांत सा होने लगा है.
यह भी पढ़ें: भारत को रुस से तेल खरीदने के लिए अमेरिका ने दी इजाज़त, तीन अप्रैल तक छूट का दिया लाइसेंस!
“अमेरिकी सेना ईरान की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है”
अमेरिकी सेंट्रल कमांड प्रमुख एडमिरल ब्रैड कपूर का दावा है कि अमेरिकी सेना ईरान की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है. उन्होंने जोर देकर कहा है कि युद्ध ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल खतरे को खत्म करने के लिए है. कपूर ने बताया कि ईरान के जहाज डुबोने से न सिर्फ समुद्र में सुरक्षा बढ़ी है बल्कि ईरान की सेना कमजोर पड़ रही है. अमेरिका इजरायल के साथ मिलकर ईरान को पूरी तरह रोकने का काम कर रहा है. ईरान के जहाज डुबोने और मिसाइल हमलों में कमी आने से गल्फ देशों के तेल की सप्लाई थोड़ी सुरक्षित हुई है.



