Accident : पाकिस्तान के पेशावर में एक प्राइवेट स्कूल की छत गिरने से 21 लोगों की मौत हो गई। इनमें 20 छात्र और एक महिला टीचर शामिल हैं। सभी बच्चों की उम्र 13 साल या उससे कम है। गुरुवार को यह हादसा दीर कॉलोनी इलाके में हुआ। इसमें 40 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं। उनके इलाज के लिए अस्पताल में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में डॉक्टरों और दूसरे कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जताया दुख
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हादसे में लोगों की मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और उन्हें इस मुश्किल समय में हिम्मत देने की प्रार्थना की। प्रधानमंत्री ने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के लिए बेहतर से बेहतर इलाज की व्यवस्था करने और बचाव अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया।
खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर ने जांच के आदेश दिए
खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने भी हादसे पर दुख जताया। उन्होंने मारे गए बच्चों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। गवर्नर ने कहा कि मासूम बच्चों की जान जाना बेहद दुखद त्रासदी है। उन्होंने घायल बच्चों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और संबंधित अधिकारियों को उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से स्कूल की छत गिरने की घटना पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही हादसे की वजह का पता लगाने का निर्देश भी दिया है।
पिछले 6 महीने में स्कूल गिरने के 4 बड़े हादसे
पाकिस्तान में छत और इमारतें गिरने की घटनाएं अक्सर होती हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह सुरक्षा मानकों की अनदेखी करना और निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल करना है। उमरकोट- जुलाई में एक सरकारी स्कूल की बाहरी दीवार गिरने से 3 बच्चियों की मौत हो गई थी। लाहौर- जुलाई में ही बागबानपुरा इलाके में निर्माणाधीन निजी स्कूल की छत गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई थी। लाहौर- जून में कहना इलाके में एक ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से 14 बच्चों की जान चली गई थी। डेरा गाजी खान- मई में स्कूल की छत गिर गई थी। इसमें चार बच्चों की मौत हुई थी और 20 लोग घायल हुए थे।
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