Samrat Choudhary: नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार में सम्राट चौधरी को नया मुख्यमंत्री बनाया गया है. आज शुक्रवार को सम्राट चौधरी ने विश्वासमत प्रस्ताव पेश किया. उन्होंने बहुमत साबित कर दिया है. सम्राट चौधरी ने ध्वनिमत से विश्वासमत हासिल किया है. हालांकि सरकार को लेकर पहले से साफ था कि कहीं कोई संकट नहीं है, एनडीए के पास पूर्ण बहुमत है. विश्वासमत एक प्रक्रिया भर था. इसी बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी को बधाई देते हुए बीजेपी पर निशाना साधा. सदन में चर्चा के दौरान तेजस्वी ने कहा कि जेडीयू के नेता दावा करते थे कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री होंगे, लेकिन बीजेपी ने उन्हें पद पर नहीं रहने दिया. हमले पहले ही कहा था कि बीजेपी के लोग नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री के पद पर नहीं रहने देंगे और हुआ भी वहीं. नीतीश को फिनिश कर दिया गया है.
“लालू के ‘पाठशाला’ के मुख्यमंत्री बने हैं”
सदन में बोलते हुए तेजस्वी ने आगे कहा कि विकास के काम के लिए सरकार को स्थिरता की ज़रूरत होती है. लेकिन बिहार एक अनोखा राज्य है, जहां पांच साल में यह पांचवीं सरकार बनी है. हम सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) को दिल से धन्यवाद देना चाहेंगे कि इलेक्टेड सीएम को सेलेक्टेड सीएम ने जो संकल्प लिया था उन्होंने वो पूरा किया. हम लोगों के लिए तो खुशी की बात है कि ये लालू जी के ‘पाठशाला’ के मुख्यमंत्री बने हैं तो इससे ज्यादा अच्छी बात हमारे लिए क्या हो सकती है. वहीं मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री होने के नाते, हर किसी को यह जानने का हक है कि उन पर कितने केस चल रहे हैं. लोगों को तो उनकी उम्र भी नहीं पता. लोग किस एफिडेविट पर यकीन करेंगे?
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“ये सत्ता किसी की बपौती नहीं है”
वहीं विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि हमारा पाठशाला, यही बपौती से बाहर निकलिए ये सत्ता किसी की बपौती नहीं है. लालू यादव ने मुझे जेल में डाला और मेरे 22 परिवार के सदस्यों को जबरदस्ती जेल में भेजा. अगर नीतीश कुमार नहीं होते, तो क्या लालू यादव मुख्यमंत्री होते? नीतीश कुमार ने ही लालू यादव को मुख्यमंत्री बनाया था और कोई किसी के पाठशाला से नहीं होता है. मैं तो कहा कि मेरी राजनीति में अगर लालू यादव जी का अत्याचार नहीं होता तो मैं बिहार का मुख्यमंत्री नहीं बन पाता. इसलिए कोई गलतफहमी में मत रहिए.
तेजस्वी के बयान पर जेडीयू का पलटवार
RJD नेता तेजस्वी यादव के बयान पर JDU अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि वे और क्या कह सकते हैं? तेजस्वी यादव अगर लालू यादव के पुत्र नहीं होते तो क्या वे एक वॉर्ड भी जीत पाते? उनकी तो अपराध, लूट, भ्रष्टाचार की पाठशाला है. तेजस्वी यादव को खुद सोचना चाहिए कि वे कहां से आए हैं.



