Ram Mandir Donation Row: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद को लेकर सियासत लगातार तेज होती जा रही है.कांग्रेस,समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी पार्टियों के नेता यूपी के योगी सरकार और केंद्र की बीजेपी सरकार को घेर रहे हैं. इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एसआईटी की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह जांच सिर्फ लीपापोती है. अगर मंदिर परिसर से जुड़े लोगों के सीडीआर निकाले जाएं तो 99.9 प्रतिशत लोग भाजपा से जुड़े मिलेंगे.राम मंदिर मामले में सिर्फ सांचा नहीं, बल्कि पूरा ढांचा बदलने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सुनने में आया है कि जांच टीम के एक सदस्य पर ही 420 का मुकदमा दर्ज है.यह मामला अब सिर्फ चोरी का नहीं, बल्कि दिल्ली और लखनऊ के बीच सत्ता संघर्ष का बन गया है.विपक्ष के नेताओं पर तेजी से एफआईआर दर्ज की जाती है, लेकिन विपक्ष की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती.
अखिलेश के बयान पर बीजेपी का पलटवार
यूपी के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने सांसद अखिलेश यादव के बयान पर कहा कि समाजवादी पार्टी से ये पूछिए कि कभी बाबरी मस्जिद के चंदे के बारे में, मदरसों पर फंडिंग के बारे में और आतंकवादियों के बारे में बोले जिनके मुकदमे उन्होंने वापस लिए.
भाजपा नेता मनन कुमार मिश्रा ने राम मंदिर चंदे पर अखिलेश यादव के बयान पर कहा कि संसद में मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि वहां राम मंदिर का कोई नाम नहीं है, वहां केवल बाबरी मस्जिद ही है.आज के समय में जब एक छोटी से गड़बड़ी पाई गई है तो सरकार ने इसका गंभीर रूप से संज्ञान लिया है. इसके लिए SIT की जांच बैठाई गई है और जांच का दायरा भी बढ़ाया गया है.चंपत राय और अनिल मिश्रा से इस्तीफा लिया गया है.किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
भाजपा नेता मनोज पांडे ने राम मंदिर चंदे पर अखिलेश यादव के बयान पर कहा कि आज मैं उन लोगों के मुंह से धर्म और आस्था की बात सुन रहा हूं जिनका पूरा इतिहास धर्म, सनातन और आस्था पर प्रहार करने का है.एक योजनाबद्ध तरीके से कांग्रेस और सपा के लोग सनातन को कमजोर करने की हिमाकत कर रहे हैं. सवाल यह नहीं है कि गड़बड़ी हुई बल्कि सवाल यह है कि उस गड़बड़ी पर उत्तर प्रदेश सरकार का क्या स्टैंड रहा था.
अन्य सपा नेताओं ने क्या कहा?
सपा सांसद चौधरी राम शिरोमणि वर्मा ने कहा कि चाहे ट्रस्ट हो, उत्तर प्रदेश सरकार हो या केंद्र सरकार, इस पूरे मामले की जिम्मेदारी सरकार की बनती है. सरकार ने ही ट्रस्ट बनाया है. यदि सरकार चोरी का खुलासा नहीं कर पाई और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को उजागर किया है, तो सरकार को उस पर कार्रवाई करनी चाहिए. यह समाजवादी पार्टी या अन्य विपक्षी दलों पर टिप्पणी करने का समय नहीं है.यदि विपक्ष ने मामला उठाया है, तो सरकार को इसकी जांच कराकर दोषियों को सजा दिलानी चाहिए.
समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद एस टी हसन ने कहा कि सारी एजेंसीज किसी ना किसी के दवाब में काम कर रही हैं, इस वक्त आपको मालूम है अगर जांच होनी है तो जॉइंट पार्लियामेंटरी कमेटी बननी चाहिए, जिसमें हर पार्टी के सांसद हों और सुप्रीम कोर्ट के जज भी शामिल हों. तभी दोषी सामने आ सकता है.
कांग्रेस नेताओं ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने कहा कि ट्रस्ट में भी तो कुछ ही लोग हैं. हम बदनाम नहीं करने की कोशिश कर रहे हैं बल्कि लूट आपने मचाई और आपको पता ही नहीं चल रहा है. हमने थोड़ी कुछ किया है. कितना पैसा आया इसकी जानकारी आप कुछ दे नहीं रहे हैं सिर्फ लीपा-पोती कर रहे हैं और अपशब्द आप कांग्रेस को दे रहे हैं. इसके लिए आप ही जिम्मेदार थे जैसे वैष्णा देवी ट्रस्ट है उसी तरह से करिए ना, आस्था के नाम पर लोगों को लूटा जा रहा है.
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि एक संगठित गिरोह काम कर रहा है. वे पहले चंदे की चोरी करते हैं और वे उसे बाहर ले जाते हैं और वही संगठित गिरोह उस पैसे को रिश्तेदारों के खातों में डालता है. यह कोई साधारण अपराध नहीं है. इन सभी को किसने रखा था? चंपतराय कैसे बेदाग बच सकते हैं?
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