Earthquack : इंडोनेशिया में शनिवार सुबह 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। भूकंप के तेज झटकों से कई इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 2 लोगों के मौत की पुष्टि हुई है जबकि कई लोग घायल हैं।
प्रार्थना के दौरान गिरी छत, पादरी दूसरी मंजिल से कूदे
सिक्का के सेंट पीटर मेजर सेमिनरी में सुबह की प्रार्थना चल रही थी, तभी सभा भवन की छत का एक हिस्सा गिर गया। सेमिनरी के रेक्टर रेव. गिडेलबर्टस टांगा ने बताया कि छात्र और नन घबराकर बाहर भागे। उन्होंने बताया कि जान बचाने की कोशिश में एक पादरी दूसरी मंजिल से कूद गए, जिससे उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया।
कई इमारतों को नुकसान, लोग ऊंची जगहों की ओर भागे
भूकंप के तेज झटके फ्लोरेस द्वीप के बड़े हिस्से में महसूस किए गए। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक कई इमारतों को नुकसान पहुंचा। पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत के सिक्का की रहने वाली योहाना एम्बू ने बताया कि झटके लगते ही लोग जान बचाने के लिए ऊंची जगहों की ओर भागने लगे। उन्होंने मौमेरे बंदरगाह के टर्मिनल का प्रतीक्षालय भी गिरा हुआ देखा।
भूकंप के तेज झटके
पहले भूकंप के बाद इलाके में कई आफ्टरशॉक भी दर्ज किए गए। इनमें 5.9, 5.6 और 6.1 तीव्रता के झटके शामिल थे। शुरुआत में कई तटीय इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी जिसे कुछ घंटे बाद हटा लिया गया। फिलहाल लोगों से सुरक्षित जगह पर रहने को कहा गया है।
समुद्र के नीचे था भूकंप का केंद्र
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक, भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 6 बजे आया। इसका केंद्र एंडे शहर से करीब 68 किलोमीटर दूर समुद्र के नीचे था। भूकंप करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर आया।
अस्पतालों से मरीजों को बाहर निकाला गया
भूकंप के बाद एहतियात के तौर पर कई अस्पतालों से मरीजों को बाहर निकालना पड़ा। स्थानीय टीवी चौनलों की तस्वीरों में डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी मरीजों को स्ट्रेचर पर बाहर ले जाते दिखे। अस्पतालों के बाहर बिस्तर, आईवी स्टैंड और ऑक्सीजन सिलेंडर लगाए गए। कई जगह खुले में ही अस्थायी इलाज शुरू किया गया।
इंडोनेशिया में इतने भूकंप क्यों आते हैं
इंडोनेशिया में भूकंप इसलिए ज्यादा आते हैं क्योंकि यह दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप वाले इलाकों में से एक ‘रिंग ऑफ फायर’ में स्थित है। आसान भाषा में समझें तो इंडोनेशिया के नीचे और आसपास धरती की कई बड़ी भूगर्भीय प्लेटें हैं। ये प्लेटें लगातार धीरे-धीरे खिसकती रहती हैं। जब दो प्लेटें आपस में टकराती हैं या एक प्लेट दूसरी के नीचे चली जाती है, तो धरती के अंदर बहुत ज्यादा दबाव बनता है। यह दबाव अचानक निकलता है तो भूकंप आता है। इंडोनेशिया में कई जगह समुद्र के नीचे ऐसी प्लेटों की हलचल होती है। इसलिए यहां समुद्र के नीचे भूकंप भी अक्सर आते हैं। अगर ऐसा भूकंप तेज हो और समुद्र के पानी को अचानक ऊपर-नीचे कर दे, तो सुनामी का खतरा पैदा हो जाता है। इसी वजह से इंडोनेशिया में भूकंप के साथ-साथ ज्वालामुखी विस्फोट और सुनामी का खतरा भी ज्यादा रहता है।
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