Attack plan on Temple : अमेरिका में एक 19 साल का युवक अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस एक मंदिर पर हमला कर भारतीय मूल के लोगों की हत्या करना चाहता था लेकिन साजिश में विफल रहने के बाद वो घटनास्थल से भाग गया लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पापोराकिस अपने घर से करीब 65 किमी गाड़ी चलाकर ऑरोरा में श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) मंदिर पहुंचा था। इस मंदिर में छुट्टी के दिन 3,000 से ज्यादा श्रद्धालु आते हैं। बताया जाता है कि पापोराकिस अपने साथ राइफल और सैकड़ों गोलियां लेकर आया था, लेकिन राइफल जाम होने की वजह से वह ऐसा नहीं कर पाया। इसके बाद उसे वहां से भागना पड़ा।
दोस्तों से भारतीयों को मार डालने की बातें करता था
घर लौटने के बाद पापोराकिस ने अपने एक दोस्त को मैसेज कर इसकी जानकारी दीा। उसने हथियार की तस्वीरें और अपनी एक तस्वीर भी भेजी। आरोपी का मैसेज देखकर उसके दोस्त ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने उसी दिन आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को उसके घर में मिली एक जैकेट पर ऐसा निशान भी था, जो गोरी नस्ल को दूसरों से बेहतर मानने वाले चरमपंथियों से जुड़ा है। आरोपी अपने सहकर्मियों के सामने भारतीयों के खिलाफ नस्लभेदी बातें करता था। वह उन्हें मार डालने की भी बातें करता था। उसने दोस्तों से यह भी कहा था कि 11 अक्टूबर का दिन खास होने वाला है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक युवक भारतीय मूल के लोगों से नफरत करता था। उसके घर से राइफल, कई भरी हुई मैगजीन और 300 राऊंड गोलियां मिली हैं।
इंटरनेट पर राइफल ठीक करने का तरीका खोजा
पुलिस के मुताबिक पापोराकिस ने इंटरनेट पर राइफल ठीक करने का तरीका भी खोजा। आरोपी पर आतंकवादी धमकी देने और गैरकानूनी तरीके से हथियार रखने के आरोप लगाए गए हैं। अदालत ने उसे हिरासत में रखने का आदेश दिया है। उसकी अगली पेशी 30 अक्टूबर को होगी। मामले की जांच में थ्ठप् भी पुलिस की मदद कर रही है। शिकागो में भारतीय कॉन्सुलेट ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अमेरिकी पुलिस की तारीफ की है। कॉन्सुलेट ने कहा कि वह हिंदू धार्मिक स्थल पर हमले की साजिश के मामले पर नजर रख रहा है।
2 अक्टूबर को ओहायो में हिंदू मंदिर पर हमला हुआ था
2 अक्टूबर 2026 को अमेरिका के ओहायो राज्य के रिचमंड हाइट्स में स्थित श्री स्वामीनारायण वडताल धाम हिंदू मंदिर की खिड़कियों पर ईंटें फेंकी गईं थीं। घटना के समय मंदिर के अंदर पुजारी और श्रद्धालु मौजूद थे, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ। पुलिस ने एक संदिग्ध की पहचान की थी। हालांकि, पुलिस के मुताबिक, घटना के पीछे धार्मिक या नस्लीय नफरत होने का कोई सबूत नहीं मिला था और जांच जारी थी।
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