Delimitation Bill: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने परिसीमन बिल पर केंद्र सरकार की रणनीति विफल होने की पूरी कहानी बताई है. उन्होंने कहा कि 1993 में 73वां और 74वां संविधान संशोधन विधेयक पारित किया गया. पंचायतों, जिला परिषदों, नगर पालिकाओं में एक तिहाई महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया. संविधान में उसके लिए एक मात्र जिम्मेदार व्यक्ति थे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी. उन्हीं की दूरदृष्टि से 1/3 महिला आरक्षण का हमारे संविधान में प्रावधान किया गया था. पंचायत, जिला परिषद, ब्लॉक पंचायत सभी पंचायती राज और नगर पालिकाओं में एक तिहाई महिलाओं का आरक्षण था. तब सितंबर 2023 को नए संसद भवन में उसका उद्घाटन हुआ. हमने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को पारित किया. सर्वसम्मति से पारित किया. राज्यसभा में हमारे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जन खरगे ने कहा कि यह हमने विधेयक पारित किया है, अधिनियम बनेगा. इसको तुरंत लागू कीजिए, एक तिहाई आरक्षण महिलाओं को दीजिए.
“543 सीटों में 182 सीटे महिलाओं के लिए आरक्षित कीजिए”
जयराम रमेश ने आगे कहा कि 543 सीटों में 182 सीटे महिलाओं के लिए आरक्षित कीजिए. तब मल्लिकार्जन खरगे ने अपने भाषण में कहा लेकिन वो नहीं माने. अधिनियम पारित हुआ, विधेयक पारित हुआ, अधिनियम बना, लेकिन वो नोटिफाई नहीं हुआ. हमने बार बार पूछा, कब से यह लागू होगा, कब से यह लागू होगा? इसपर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री दोनों चुप रहे. फिर अचानक 16 अप्रैल 2026 की रात को परिसीमन विधेयक पर चर्चा हुई. रात 11 बजे नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 पारित हुआ. सर्वसम्मति से वो नोटिफाई हुआ. इनका (बीजेपी) इरादा क्या है? मकसद क्या है? तो आज भी हम कहते हैं लोकसभा में संख्या आज भी 543 है. अलग-अलग राज्यों की संख्या अलग-अलग है. उसके मुताबिक जो मौजूदा लोकसभा है, 543 सदस्यों वाली लोकसभा, एक तिहाई 182 बनता है. एक-एक 182-182 बनता है. महिलाओं को आरक्षण दीजिए, अधिनियम पारित हुआ है. अधिनियम में संशोधन करना है वो किजिए और 2029 के लोकसभा चुनाव से इसे लागू किजिए. यह हमारी हमेशा मांग रही है, हमारा CWC का प्रस्ताव है.
“प्रधानमंत्री टाल रहे हैं”
उन्होंने कहा कि AICC अहमदाबाद में जो अधिवेशन हुआ था, पिछले अप्रैल को उसका एक प्रस्ताव है. हम बार-बार यह कह रहे हैं और प्रधानमंत्री टाल रहे हैं और प्रधानमंत्री हमेशा यह कोशिश कर रहे हैं कि महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ा जाए. इसीलिए तो संविधान संशोधन दो तिहाई उनको बहुमत नहीं मिला और अभी किसी तरीके से वो दो तिहाई बहुमत के तलाश में हैं. यह तो कलंकित बहु कलंकित दो तिहाई बहुमत होगा. इनको मिलने वाला नहीं है. TMC को तोड़ा, शिवसेना को तोड़ा और यह दावा कर रहे थे कि मानसून सत्र में परिसीमन विधेयक पारित कराएंगे, क्या हुआ परिसीमन का? परिसीमन को लेकर यह सब नाटकबाजी है.
“महिला आरक्षण नहीं होना है”
कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री का इरादा बिल्कुल साफ है. महिला आरक्षण नहीं होना है और अगर वह ईमानदारी से काम करते तो सारी पार्टियों कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, NCP, DMK,TVK की मांग है 543 वाली सदस्यों वाली लोकसभा है. एक तिहाई महिला आरक्षण जिसके लिए अधिनियम है, उसको लागू कीजिए. जो बार-बार लालकिले से प्रवचन देते हैं उनका इरादा साफ नहीं है, उनका मकसद सिर्फ राजनीतिकरण करना है. प्रधानमंत्री मोदी कोशिश कर रहे हैं कि महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ा जाए.. प्रधानमंत्री मोदी का इरादा है कि महिला आरक्षण नहीं हो.
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