Iran-Israel war: ईरान पर अमेरिका बडा हमला करने की तैयारी कर रहा है। दरअसल अमेरिका की लाख कोशिशों के बावजूद ईरान को परस्त करने में असफल रहा है उल्टे ईरान अपने करीबी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर निशाना बना रहा है। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज आठवां दिन है। इस बीच अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा है कि आज रात ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस हमले का मकसद ईरान के मिसाइल लॉन्चर और मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों को भारी नुकसान पहुंचाना है। उनके अनुसार इस कार्रवाई से ईरान की मिसाइल क्षमता को काफी हद तक कमजोर किया जाएगा।
तेहरान पर हमले
देर रात इजराइल ने तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर हवाई हमला किया, जिसके बाद आग और धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। दूसरी ओर खबर है कि रूस जंग के दौरान ईरान को खुफिया मदद दे रहा है। मॉस्को ने ईरान को मिडिल-ईस्ट में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की लोकेशन से जुड़ी जानकारी मुहैया कराई। वॉशिंगटन पोस्ट ने तीन अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि रूस ईरान को ऐसी टारगेटिंग इंटेलिजेंस दे रहा है, जिससे वह अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना सके।
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ईरान का युद्धपोत भारत में रुका
ईरान का एक युद्धपोत भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है। सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ईरान ने 28 फरवरी को तकनीकी खराबी आने के बाद भारत से मदद मांगी थी। भारत ने 1 मार्च को जहाज को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति दी और इसके बाद 4 मार्च को यह बंदरगाह पर पहुंच गया। जहाज के 183 क्रू मेंबर फिलहाल कोच्चि में भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं। IRIS लावन हाल ही में भारत में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 और मिलान 2026 नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था, जो 15 से 25 फरवरी के बीच आयोजित हुए थे। इससे पहले अमेरिका ने भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत को श्रीलंका के पास हमला कर डुबा दिया था। हमले में 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए।
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