UN General Debate : संयुक्त राष्ट्र की जनरल डिबेट आज से शुरू हो रही है। यह 28 सितंबर तक चलेगी। न्यूयॉर्क में होने वाली इस बैठक में 193 सदस्य देशों के नेता या वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होंगे। जनरल डिबेट की शुरुआत ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के भाषण से होगी। इसके बाद मेजबान देश अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प बोलेंगे। यूएन की इस जनरल डिबेट में ईरान के राष्ट्रपति और विदेश मंत्री के भी भाग लेने की संभावना है।
ट्रम्प ईरानी राष्ट्रपति से मिल सकते हैं
इस बार अमेरिका और ईरान के राष्ट्रपतियों की संभावित मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा है कि वह ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए तैयार हैं। दोनों नेता ऐसे समय एक ही शहर में होंगे, जब अमेरिका और ईरान के बीच करीब 7 महीने से युद्ध चल रहा है। ऐसे में दोनों के बीच संभावित बातचीत को अहम माना जा रहा है।
ट्रम्प के भाषण पर चर्चाएं
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के भाषण के दौरान पहले भी विवाद और चर्चाएं होती रही हैं। 2025 में यूएन में भाषण के दौरान उनका टेलीप्रॉम्प्टर खराब हो गया था, जिस पर वे नाराज हुए थे। वहीं 2018 में महासभा में अपने कामकाज की तारीफ करते हुए उनके एक दावे पर हॉल में हंसी सुनाई दी थी। ट्रम्प ने तब कहा था कि उन्हें ऐसी प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं थी।
ब्राजील सबसे पहले, फिर अमेरिका की बारी
जानकारी के अनुसार यूएन के जनरल डिबेट में सबसे पहले ब्राजील और उसके बाद अमेरिका के बोलने की परंपरा काफी पुरानी है। यह कोई लिखित नियम नहीं है।
यूएन के शुरुआती वर्षों में कोई भी देश सबसे पहले भाषण देने की पहल नहीं करना चाहता था। ऐसे में ब्राजील ने यह जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद 1955 से जनरल डिबेट में ब्राजील के सबसे पहले बोलने की परंपरा बन गई।
यूएन डिबेट में अन्य देशों को बोलने का मौका
जनरल डिबेट की शुरुआत ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के भाषण से होगी। इसके बाद मेजबान देश अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प बोलेंगे। ब्राजील के बाद अमेरिका को बोलने का मौका इसलिए मिलता है क्योंकि यूएन का मुख्यालय न्यूयॉर्क में है और अमेरिका मेजबान देश है। इसके बाद कौन सा देश कब बोलेगा, यह यूएन तय करता है। इसमें यह देखा जाता है कि किस देश का प्रतिनिधि कौन है, पिछले साल उस देश को कब बोलने का मौका मिला था और अलग-अलग देशों को बोलने का मौका कैसे दिया जाए।
यूएन जनरल डिबेट क्या होती है?
आसान भाषा में समझें तो यह वह मौका है जब संयुक्त राष्ट्र के लगभग सभी सदस्य देश एक ही मंच से दुनिया के सामने अपनी बात रखते हैं। यूएन में 193 सदस्य देश हैं और महासभा में हर देश का एक वोट होता है। हर साल सितंबर में इन देशों के नेता या वरिष्ठ प्रतिनिधि न्यूयॉर्क पहुंचते हैं। वे अपने देश की समस्याओं, प्राथमिकताओं और दुनिया से जुड़े अहम मुद्दों पर भाषण देते हैं। इसी प्रक्रिया को ‘जनरल डिबेट’ यानी सामान्य बहस कहा जाता है। हालांकि, यहां नेता आमने-सामने बैठकर बहस नहीं करते। हर देश को महासभा के मंच से अपनी बात रखने का मौका मिलता है। इसके अलावा, इस दौरान अलग-अलग देशों के नेता दूसरे देशों के नेताओं के साथ बैठकें भी करते हैं। इनमें व्यापार, सुरक्षा, युद्ध, कूटनीति और दूसरे अहम मुद्दों पर बातचीत होती है। इसलिए यूएन का यह सप्ताह दुनिया की कूटनीति के लिहाज से काफी अहम होता है।
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