Independence Day 2026: 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आज (15 अगस्त) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले पर भाषण दिया. 76 मिनट की स्पीच के दौरान पीएम मोदी ने कई बड़ी बातें कही. उन्होंने कहा कि सरकार अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग देगी. गरीब और मिडिल क्लास परिवारों के युवाओं के लिए कई परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग का ऐलान किया. इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि हथियारी नक्सल तो चले गए, लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं. समाज को गलत राह पर ले जाने के लिए तरह-तरह के काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे लोग हिंसा अराजकता के रास्ते खोज रहे हैं. इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा और इन्हें आइसोलेट करना होगा और विकसित राष्ट्र बनाने की ओर देश की युवा पीढ़ी को जोड़ना होगा.
“उन्हीं किसानों की बात माननी पड़ी”
पीएम मोदी के नक्सल वाले बयान पर कांग्रेस ने निशाना साधा है. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि पहले भी जिन लोगों को ‘जमीनी नक्सल’ कहा, उन्हीं किसानों की बात माननी पड़ी, नौजवानों को नक्सल कहा और फिर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना पड़ा. पहले तो वे हाथ-पैर मारते हैं लेकिन फिर बाद में उन्हीं की बात मान लेते हैं.
“आप किसे दिमागी नक्सल कह रहे हैं?”
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि पहले तो दिमागी नक्सल की परिभाषा बताई जाए कि ये क्या है? आप किसे दिमागी नक्सल कह रहे हैं? ये तमाम उन युवाओं का अपमान है, तमाम उन सोचने वालों का अपमान है, तमाम उन बुद्धिजीवियों का अपमान है जो देश के लिए और समाज के लिए सोचते हैं. पहले भी उन्होंने अर्बन(शहरी) नक्सल का टैग दिया था. लेकिन अब दिमागी नक्सल बता दिया. उन्होंने आगे कहा कि महिला आरक्षण बिल पहले ही पास हो चुका है, उसे केवल लागू करने की बात है लेकिन महिला आरक्षण बिल की आढ़ में उनका मकसद कुछ और है.
“पीछे धकेलने के लिए कोई जिम्मेदार हैं तो वे प्रधानमंत्री मोदी”
कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने कहा कि मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री अपने मन की ही बात बता रहे थे क्योंकि महिला आरक्षण को लगातार दोयम दर्जा देने के लिए, पीछे धकेलने के लिए कोई जिम्मेदार हैं तो वे प्रधानमंत्री मोदी हैं. 2023 में जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम आया तो उसे दो शर्तों की बैसाखी पर खड़ा करने वाला कौन था? कांग्रेस पार्टी तो आज भी ये कहती है, मानसून सत्र में भी हम कहते रहे कि आप इसी सत्र में ही महिला आरक्षण को लागू करें. असली मसला भाजपा और RSS के लिए महिला आरक्षण है ही नहीं. महिला आरक्षण को ढाल बनाकर किसी तरीके से परीसीमन ऐसा लेकर आएं कि अपनी मर्जी से सीटों की कांट-छांट कर सकें.
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