OBC Reservation: राज्यसभा में आज सोमवार को बीजेपी सांसद के. लक्ष्मण (K.Laxman) ने ओबीसी आरक्षण का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर इसका दुरुपयोग किया जा रहा है. बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि कुछ राज्य मुस्लिम समुदाय को आरक्षण का लाभ दे रहे हैं. उन्होंने सरकार से धर्म आधारित आरक्षण की व्यापक समीक्षा कराने की मांग की. उनके बयान पर विपक्ष के कुछ सांसदों ने आपत्ति जताई. सदन में हंगामा में देखने को मिला. इसके बाद लगभग पूरा विपक्ष विरोध स्वरूप सदन से बाहर चला गया. सदन के नेता व केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा (JP Nadda) ने विपक्ष की आचोलना करते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व और विपक्षी गठबंधन इंडिया को न को बहस में कोई रुचि है और न ही उनके मन में लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान का सम्मान है. विपक्षी दल मुसलमानों को केवल वोट बैंक के रूप में देखते हैं और तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं. नड्डा ने कहा कि संसद में गंभीर मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, जबकि विपक्ष बहस से बचने के लिए बार-बार वॉकआउट करता है.
“इनको ना संविधान की, ना पिछड़ा वर्ग आयोग की समझ”
वहीं भाजपा द्वारा शून्यकाल में मुस्लिम समुदायों को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण से बाहर करने का मुद्दा उठाने पर RJD सांसद मनोज झा (Manoj Jha)ने सदन से बाहर आने पर मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि इनको ना संविधान की समझ है ना पिछड़ा वर्ग आयोग की समझ है. हमारे यहां आरक्षण की व्यवस्था बहुत स्पष्ट है. उदाहरण के लिए, अगर मैं मंडल कमीशन का उदाहरण दूं, तो ‘वे जातियाँ और समुदाय जो अपने पेशे से जुड़े नामों से जाने जाते हैं, OBC की सूची में शामिल हैं. आप क्या कर रहे हैं, भाई? क्या आप देश में आग लगाना चाहते हैं? संविधान में आग लगाना चाहते है? इस तरह के तरीके संविधान की मूल भावना के खिलाफ हैं और मंडल आयोग की लड़ाई को ये लोग मनुवादी दृष्टिकोण से खत्म करना चाहते हैं.
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“संविधान के खिलाफ है”
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी (Pramod Tiwari)ने विपक्षी सांसदों के राज्यसभा से वॉकआउट पर कहा कि भारत के संविधान के खिलाफ शून्य काल में जो प्रश्न उठाया है और जिसके समर्थन में भाजपा खड़ी हुई है वो मंडल आयोग के खिलाफ है, संविधान के खिलाफ है कि पिछड़ों में अल्पसंख्यकों को आरक्षण न दिया जाए. इस पर संपूर्ण विपक्ष ने बहिष्कार किया है.



