Mamata Banerjee:मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व बीजेपी नेता उमा भारती ने ममता बनर्जी के इस्तीफा देने से इनकार करने पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि ममता और मेरी दोस्ती सन 1991 से है. वह 2021 तक रही. ममता अपनी ज़िद के कारण तीन बार सरकार बना सकीं. अब वही ज़िद उनका नास कर रही है. इसलिए हर जगह पर हर हथियार काम नहीं आता है। यहां पर अगर वह ज़िद पकड़ेंगी तो संविधान और लोकतंत्र का अपमान होगा. पूरी दुनिया में हंसी का पात्र बन जाएंगी. ममता मेरे से 6 साल बड़ी हैं. उन्हें यही सलाह दूंगी कि दीदी पूरे सम्मान के साथ स्टेप डाउन करो. सड़कों पर संघर्ष करो.
“अब पीएम मोदी हर चुनौती का सामना करेंगे”
उमा भारती ने आगे कहा कि अगर पिछले जन्म में मैंने और पुण्य किए होते तो मेरा जन्म उत्तराखंड में होता. आप इससे समझ लो कि मैं उत्तराखंड से कितना प्यार करती हूं. भारत को तीन जगह से घुसपैठ का खतरा था- असम, त्रिपुरा और बंगाल. यहां से जिस प्रकार घुसपैठिए आ रहे थे, वह शरणार्थी नहीं घुसपैठिए थे. वह हमारी डेमोग्राफी बदलने आ रहे थे. आज तीनों राज्यों में भाजपा सरकार है, हम निश्चिंत हैं. अब पीएम मोदी हर चुनौती का सामना करेंगे. भारत के संकट को पटखनी देंगे.
“दीदी को हार हजम नहीं हो रही है”
ममता बनर्जी के बयान पर शिवसेना नेता शायना एनसी की भी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि दीदी को हार हजम नहीं हो रही है 2021 में जब वो जीती थी तो कोई EVM की समस्या नहीं थी. वो जिद पर बैठी हैं और अपना पद नहीं छोड़ेंगी ये असंवैधानिक है चुनाव आयोग पहले गजट देगा और गजट नोटिफिकेशन राज्यपाल को मिलेगा फिर उन्हें इस्तीफा देना ही पड़ेगा. तो ये सब आप क्यों कर रही हैं क्योंकि आप जो कर रही हैं वो असंवैधानिक है.
यह भी पढ़ें: “पाकिस्तान के ISI को क्यों क्लीन चिट…” बम धमाकों पर CM मान के बयान पर राघव चड्ढा का पलटवार
“बंगाल को बांग्लादेश बनाना चाहती थीं”
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि लोग हंस रहे हैं कि वह अपने कार्यकाल में संविधान को कभी मानी नहीं. बंगाल को बांग्लादेश बनाना चाहती थीं लेकिन जनता ने उन्हें हरा दिया. लोगों को डराकर रहने वाली कोई सरकार थी तो वो TMC की सरकार थी आज वहां के लोग खुश हैं. ये अगर नहीं हटेंगी तो संविधान हटा देगा. राज्यपाल के पास ताकत है वो हटा देगा और जब वो हटा देंगे तो और बेइज्जती होगी.
“यह बंगाल के जनादेश का अपमान है”
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि ममता बनर्जी अगर इस्तीफा नहीं देने की बात कह रही हैं तो यह बंगाल के जनादेश का अपमान है. एक तरफ INDI गठबंधन लोकतंत्र की रक्षा बात करती थी. उन्हें संविधान के अनुच्छेद 172 का ज्ञान होना चाहिए कि किसी भी राज्य के विधानसभा की जिस दिन पहली बैठक होगी, तब से 5 साल ही वह विधानसभा होगी उसके बाद उसका कार्यकाल समाप्त हो जाएगा. यह संवैधानिक व्यवस्था है. न केवल इस तरह के बयान से वे अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही हैं, बल्कि यह भी दर्शा रही हैं कि लोकतंत्र में उनकी कोई आस्था नहीं है.



