Noida Workers Protest: उत्तर प्रदेश के लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने आज मंगलवार को बैसाखी पर्व के अवसर पर गुरुद्वारे का दौरा किया. इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री जी को तो नियम-कानून पता ही नहीं है. अगर नियम कानून पता होते, कोर्ट ने क्या बताया, लेबर लॉ क्या कह रहा है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लेबर को क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं, अगर उनका पालन किया होता, तो शायद यह नौबत नहीं आती. महंगाई अगर बढ़ेगी, जनजीवन प्रभावित होगा, तो आवाज तो उठेगी. आवाज के लिए बातचीत का रास्ता है, संवाद का रास्ता हमेशा खुला रहना चाहिए. इसलिए मैंने कहा, यह कोई नक्सली या इस तरह की कोई साजिश, षड्यंत्र नहीं है, यह सरकार का फेलियर है. सरकार का जो फेलियर है, उसे दूसरों पर थोपना चाहते हैं. इसका मतलब यह हुआ कि उनकी इंटेलिजेंस पूरी तरह फेलियर थी.
“व्यवस्था को खराब नहीं करना चाहिए”
वहीं नोएडा में हुई घटना पर पुलिस डीजीपी, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर द्वारा हेडक्वार्टर से निगरानी करने पर अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि ये अधिकारी डराते भी हैं. मुख्यमंत्री डराना इसलिए चाहते हैं, जिससे अन्याय कर सकें. मुख्यमंत्री या सरकार इसलिए लोगों को डरा रहे हैं, जिससे अन्याय करने का मौका मिले. हेडक्वार्टर किसने बनाया? समाजवादियों ने बनाया. यह हेडक्वार्टर न होता तो शायद पुलिस तंबुओं में लेकर बातचीत कर रही होती. मुख्यमंत्री जी को यह सोचना चाहिए और सरकार को भी यह सोचना चाहिए कि जितना पुलिस का इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होगा, जितनी हम व्यवस्था को अच्छा करेंगे, उतना हमें न्याय मिलेगा. व्यवस्था को खराब नहीं करना चाहिए.
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विरोध प्रदर्शन पर क्या बोले DGP राजीव कृष्ण?
उत्तर प्रदेश के DGP राजीव कृष्ण ने नोएडा में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन पर कहा कि नोएडा में पूरी स्थिति सामान्य है. यहां सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं और नोएडा में हमारे अधिकारियों के साथ संवाद भी कर रहे हैं. सभी जगह स्थिति सामान्य है. मुख्यमंत्री ने कल एक कमेटी का गठन किया था और उस कमेटी ने तुरंत वहां जाकर सभी हितधारकों के साथ विस्तृत वार्ता की है. मामले में कुछ ऐसे लोग और समूह सामने आए हैं जिन्होंने इस प्रकरण में भड़काने का काम किया है. हमारे पास उनके इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मौजूद हैं और उनके आधार पर कार्रवाई की जा रही है.
“यौन उत्पीड़न समिति हर जगह गठित की जाएगी”
वहीं नोएडा DM मेधा रूपम ने कहा कि श्रमिकों को जो सबसे प्रमुख मांग वेतन बढ़ोतरी की थी उसे मान लिया गया है. इसके साथ-साथ और भी निर्देश दिए गए हैं. श्रमिकों का वेतन 10 तारीख से पहले खाते में एक साथ पहुंचे इसके साथ-साथ बोनस हर साल नवंबर से पहले पहुंचे. ओवरटाइम के लिए डबल वेतन दिया जाएगा. अगर साप्ताहिक छुट्टी पर काम होगा तो उसके लिए भी डबल वेतन दिया जाएगा. यौन उत्पीड़न समिति हर जगह गठित की जाएगी. महिलाएं इनकी अध्यक्ष रहेंगी.



