Donald Trump: ईरान के साथ युद्व की तैयारी करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति ने यू टर्न लिया है. अब मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ईरान के राष्ट्रपति खामेनेई से मिलना चाहते हैं. इस बारे में अमेरिका की ओर से कहा जा रहा है कि ईरान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद अमेरिका बातचीत के रास्ते को खुला रखना चाहता है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्काे रुबियो का कहना है कि अगर मौका मिलता है तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ईरान के सर्वाेच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई से मिलने को तैयार होंगे. यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच अविश्वास और टकराव की आशंका बनी हुई है.
समझौते से समस्या खत्म करना ट्रंप का मकसद
एक बातचीत के दौरान रुबियो ने कहा, मैं ऐसे राष्ट्रपति के साथ काम करता हूं जो किसी से भी मिलने को तैयार हैं. उन्होंने आगे कहा, अगर आयतुल्ला कल कहें कि वे राष्ट्रपति ट्रंप से मिलना चाहते हैं, तो राष्ट्रपति मिलेंगे, इसलिए नहीं कि वे उनसे सहमत हैं, बल्कि इसलिए कि वे मानते हैं कि दुनिया की समस्याएं ऐसे ही सुलझती हैं और किसी से मिलना, उन्होंने यह भी साफ किया कि राष्ट्रपति ट्रंप टकराव से ज्यादा समझौते के जरिए समाधान निकालना चाहते हैं. उन्होंने कहा, राष्ट्रपति हमेशा समस्याओं को समझौते से खत्म करना पसंद करते हैं. रुबियो की टिप्पणी उस वक्त सामने आई है जब अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है. उनके अनुसार इसका मकसद अमेरिकी ठिकानों और सैनिकों पर संभावित हमलों को रोकना है. उन्होंने दोहराया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देगा और इसे वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया.
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चीन के साथ चिंता नहीं
रुबियो ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि सहयोगी देशों के चीन के साथ बढ़ते संपर्क को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है. उनका मानना है कि बड़ी ताकतों के बीच बातचीत और संबंध बनाए रखना सामान्य और आवश्यक है, ताकि टकराव से बचा जा सके. उन्होंने बताया कि ट्रंप पहले भी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिल चुके हैं और भविष्य में भी संवाद जारी रह सकता है.
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