Photo Exhibition : दिल्ली में राजस्थान पर्यटन विभाग का भवन बीकानेर हाउस में रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी में 70 से अधिक फोटो हटा देने पर सियासी माहौल गर्मा गया है। राजस्थान के कांग्रेस नेताओं ने राज्य और केंद्र सरकार पर पलटवार करते हुए कमेंट किए हैं। पूर्व सीएम अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ सहित कई कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी सरकार पर सच को दबाने और असहमति पर सेंसरशिप लगाने का आरोप लगाया।
प्रियंका गांधी के बेटे ने लगाई फोटो प्रदर्शनी
कांग्रेस नेता और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की दिल्ली के बीकानेर हाउस में लगी फोटो प्रदर्शनी से युवा आंदोलन से जुड़ी फोटो हटवाने पर सियासी विवाद हुआ है। यहां से रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी से तस्वीरें हटवाने को लेकर अब राजस्थान के कांग्रेस नेताओं ने राज्य और केंद्र सरकार पर पलटवार करते हुए कमेंट किए। फोटो प्रदर्शनी शुरू होने से पहले ही फोटो यहां से हटा दी गईं।
सरकार फोटो प्रदर्शनी से घबरा गई
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा- दिल्ली के बीकानेर हाउस में रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी से 70 से ज्यादा फोटो हटवा दी गईं। बीकानेर हाउस राजस्थान सरकार की संपत्ति है। यानी भाजपा सरकार की निगरानी में एक युवा कलाकार की कला का गला घोंटा गया, जो निंदनीय है। इस प्रदर्शनी में कई तस्वीरें दिल्ली के युवा आंदोलनों की थीं। भाजपा को सबसे ज्यादा डर उसी सच से लगता है, जो जनता के सामने आ जाए। जो सरकार फोटो प्रदर्शनी से घबरा जाए, वह इन आंदोलनों के दौरान उठाए गए अनुचित कदमों को छिपाना चाहती है।
यह तानाशाही भरा फैसला
गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया पर लिखा- जब भी असहमति असुविधाजनक लगने लगती है, तो भाजपा का जवाब उसे दबा देना होता है। दिल्ली के बीकानेर हाउस में चल रही रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से 70 कलाकृतियां हटा दी गईं। शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शनों को दर्शाने वाली इन कलाकृतियों को इसलिए हटा दिया गया, क्योंकि वे बहुत अधिक राजनीतिक थीं।
सरकार जवाब दे कि सच्चाई बयां करने वाली तस्वीरें क्यों हटाईं
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने लिखा- नो आइडिया इज फाइनल प्रदर्शनी के बीकानेर हाउस में शुरू होने से महज 5 घंटे पहले रेहान को अपनी प्रदर्शनी की अधिकांश तस्वीरें हटाने के लिए मजबूर किया गया। इसकी वजह दिल्ली में हुए युवाओं के विरोध-प्रदर्शन की तस्वीरों को ‘आपत्तिजनक’ बताया गया। यहां तक कि तिरंगे की तस्वीरें हटाने के लिए भी कहा गया। जाखड़ ने लिखा- अब रेहान पूरी प्रदर्शनी के लिए नई जगह तलाश रहे हैं। अपने विचारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए डटकर खड़े रहने पर रेहान को सलाम।
शो का नाम नो आइडिया इज फाइन
बता दें कि रेहान वाड्रा ने कहा- मेरा फोटो प्रदर्शनी बुधवार शाम 7 बजे शुरू होने वाली थी। शो का नाम नो आइडिया इज फाइन था। शो शुरू होने से 24 घंटे पहले बीकानेर हाउस के मैनेजमेंट ने मुझसे संपर्क किया और कहा कि कुछ तस्वीरें उनकी पॉलिसी के खिलाफ हैं। डिप्टी रेजिडेंट कमिश्नर ने कहा कि हमें ये सभी तस्वीरें हटानी होंगी। ये तस्वीरें दिल्ली में पिछले एक साल के दौरान हुए युवा आंदोलनों की स्ट्रीट फोटोग्राफी थीं। रेहान ने कहा- बीकानेर हाउस के प्रमुख प्रिंसिपल रेजिडेंट कमिश्नर आए और उन्होंने कहा- 70 तस्वीरों में से कोई भी नहीं लगाई जाएगी। मुझे नोटिस भेजा, जिसमें लिखा था- अगर आप 5 बजे तक इन्हें नहीं हटाते हैं तो बिल्डिंग को सील कर दिया जाएगा और प्रदर्शनी रद्द कर दी जाएगी। फिर हमने उनकी बात मान ली।
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