Navaratri : त्रिसुगंधि साहित्य, कला एवं संस्कृति संस्थान, उदयपुर के तत्वावधान में रिवर फ्रंट गार्डन में नवरात्र विशेष कार्यक्रम का आयोजन उत्साह, उल्लास और भक्तिमय वातावरण में किया गया। अपराह्न 4 बजे से शाम 7 बजे तक चले इस तीन घंटे के कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, साहित्य और नारी शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। सामूहिक आरती, धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, काव्यपाठ और डांडिया रास ने आयोजन को यादगार बना दिया।
नवदुर्गा के नौ स्वरूपों की प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक आरती के साथ हुआ। इसके बाद नौ महिलाओं ने मंच पर विराजमान होकर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीकात्मक प्रस्तुतिकरण किया। नवदुर्गा के स्वरूपों ने आयोजन में आध्यात्मिक वातावरण का संचार किया। उपस्थित सदस्यों ने इस अनूठी प्रस्तुति की सराहना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता तारा संस्थान, उदयपुर की संस्थापक एवं अध्यक्ष कल्पना गोयल ने की। मुख्य अतिथि के रूप में मीरा कन्या महाविद्यालय, उदयपुर की हिंदी आचार्य प्रो. नवनीतप्रिया शर्मा उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. प्रीति भट्ट, डॉ. सरस्वती जोशी, डॉ. अनुश्री राठौड़, साहित्यकार मीनाक्षी पारीक और आरती चितौड़ा शामिल रहीं। संस्थान की संस्थापक एवं अध्यक्ष तथा वरिष्ठ साहित्यकार आशा पाण्डेय ओझा और संयुक्त मंत्री सुनीता निमिष सिंह का विशेष सान्निध्य रहा।
भारतीय संस्कृति और रामायण पर आधारित प्रश्नोत्तरी में दिखा उत्साह
नवरात्र विशेष कार्यक्रम के तहत देवी आराधना, रामायण और भारतीय संस्कृति पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता को वरिष्ठ और युवा, दो आयु वर्गों में विभाजित किया गया। वरिष्ठ वर्ग में मधु सहगल ने प्रथम, शील रानी ने द्वितीय तथा राधिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं युवा वर्ग में डॉ. प्रीति भट्ट प्रथम, डॉ. अनुश्री राठौड़ द्वितीय और अंजू तृतीय स्थान पर रहीं। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने धार्मिक परंपराओं, पौराणिक प्रसंगों और भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जुड़े प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी जानकारी का परिचय दिया।
काव्य गोष्ठी में 15 कवियों ने बिखेरे साहित्यिक रंग
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के बाद आयोजित काव्य गोष्ठी ने कार्यक्रम में साहित्यिक रंग भर दिए। गोष्ठी में कुल 15 कवियों ने अपनी रचनाओं का वाचन किया। काव्यपाठ करने वालों में सपना जैन शाह, नम्रता जैन, चंचल, गति शर्मा, सुदेश चौधरी, मीनाक्षी पारीक, मधु प्रधान, डॉ. नवनीतप्रिया शर्मा और रजनीकांत मनावत सहित अन्य साहित्यकार शामिल रहे। कवियों की प्रस्तुतियों ने साहित्यप्रेमियों को आनंदित किया।
डांडिया रास में झलका नवरात्र का उल्लास
कार्यक्रम में डांडिया रास का आयोजन भी विशेष आकर्षण रहा। पारंपरिक नवरात्र उत्सव की भावना के साथ प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास के वातावरण में आयोजित डांडिया रास ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। संस्थान की संयुक्त मंत्री सुनीता निमिष सिंह ने बताया कि सामूहिक आरती, नवदुर्गा स्वरूपों की प्रस्तुति, दो आयु वर्गों में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, काव्यपाठ और डांडिया रास को एक ही मंच पर आयोजित करना संस्थान का अभिनव प्रयास रहा। इन गतिविधियों ने आयोजन को रोचक, सहभागितापूर्ण और यादगार बनाया।
महिलाओं को ऊपरना ओढ़ाकर किया सम्मानित, भेंट की पुस्तकें
नवरात्र विशेष आयोजन पूरी तरह महिलाओं को समर्पित रहा। कार्यक्रम में नारी शक्ति के सम्मान और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को विशेष महत्व दिया गया। इस अवसर पर पुरुष सदस्यों ने महिलाओं को पारंपरिक ऊपरना ओढ़ाकर सम्मानित किया तथा पुस्तकें भेंट कीं। आयोजन में रिवर फ्रंट गार्डन, तारा संस्थान और त्रिसुगंधि साहित्य, कला एवं संस्कृति संस्थान के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
साहित्य, संस्कृति और नारी सम्मान का दिया संदेश
कार्यक्रम में सुदेश चौधरी, आर.के. बंसल, बंशीलाल, विनोद उपाध्याय, बृजेश कुमार मंडल, मदान सहित त्रिसुगंधि समूह के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्वागत उद्घोषणा रजनीकांत मनावत ने की। दीपिका स्वर्णकार और चंचल शर्मा ने कार्यकर्ताओं का अभिनंदन किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन बंसीलाल लोहार ने किया। कार्यक्रम का संचालन मुकेश मारवाड़ी ने किया। त्रिसुगंधि संस्थान के इस विशेष आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ साहित्य, कला, भारतीय संस्कृति और महिला सम्मान का संदेश दिया। सामूहिक सहभागिता और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के कारण यह नवरात्र उत्सव उपस्थित लोगों के लिए यादगार बन गया।
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