Rekha : फिल्म अभिनेत्रियों में रेखा जितनी लोकप्रिय रहीं है उतनी उनकी समकालीन अभिनेत्रियां नहीं रही हैं। पुराने सत्तर के दशक से लेकर आज इक्कीसवीं सदी के 26 साल में भी रेखा का जलवा कायम है। उमराव जान, खूबसूरत, मुकद्दर का सिकंदर, सिलसिला जैसी बेहद लोकप्रिय फिल्मों में यादगार अभिनय करने वाली रेखा आज 72वां जन्मदिन मना रही हैं। रेखा को लेकर पिछल पांच दशक में युवाओं के दिल में रेखा और अभिताभ बच्चन के बीच अनाम रिश्ते को लेकर बातें चलती रही हैं।
बचपन में कष्ट सहने वाली रेखा
रेखा की जिंदगी जितनी ग्लैमरस दिखती है, उसके पीछे उतने ही दर्दनाक अध्याय छिपे हैं। बचपन में पिता जैमिनी गणेशन की बेरुखी मिली, तो परिवार की आर्थिक मजबूरियों ने किशोर उम्र में ही फिल्मों में काम करने पर मजबूर कर दिया। बड़े पर्दे पर सफलता मिली, लेकिन निजी जिंदगी लगातार सवालों के घेरे में रही। विनोद मेहरा से कथित शादी, अमिताभ बच्चन से रिश्ते की चर्चाएं और 1990 में पति मुकेश अग्रवाल की आत्महत्या के बाद लगे गंभीर आरोपों ने उन्हें भीतर तक झकझोरा। इन मुश्किलों के बावजूद रेखा ने खुद को संभाला और हिंदी सिनेमा में ऐसी पहचान बनाई, जो आज भी कायम है।
अभिताभ बच्चन से रिश्ता
अमिताभ बच्चन के साथ रेखा की जोड़ी पर्दे पर जितनी पसंद की गई, उनकी निजी जिंदगी को लेकर उतनी ही चर्चाएं हुईं। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया और इसी दौरान उनके रिश्ते को लेकर तरह-तरह की खबरें सामने आईं। 2004 में सिमी गरेवाल के शो में रेखा ने पहली बार इतने खुले अंदाज में अमिताभ के लिए अपनी भावनाओं पर बात की थी। उन्होंने अमिताभ को ऐसा शख्स बताया, जैसा उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था। रेखा के मुताबिक, अमिताभ में इतनी खूबियां थीं कि उन्हें देखकर प्रभावित हुए बिना रहना मुश्किल था। रेखा ने अमिताभ के लिए अपने प्यार को छिपाया नहीं। उन्होंने साफ कहा था कि वह उनसे प्यार करती हैं। उनका कहना था कि अमिताभ जैसे इंसान के प्यार में पड़ना उनके लिए असामान्य बात नहीं थी। उन्होंने यहां तक कहा कि दुनिया में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो, जो अमिताभ की शख्सियत से प्रभावित न हो।
अमिताभ के साथ किसी भी निजी रिश्ते से साफ इनकार
इसके तुरंत बाद रेखा ने इस रिश्ते को लेकर सबसे अहम बात कही। उन्होंने अमिताभ के साथ किसी भी निजी रिश्ते या अफेयर से साफ इनकार किया। रेखा के मुताबिक, उनके बीच कभी कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं था और उनके रिश्ते को लेकर जो विवाद और अटकलें लगाई गईं, उनमें सच्चाई नहीं थी। रेखा ने यह भी कहा था कि अमिताभ को शायद अंदाजा तक नहीं था कि वह उनके बारे में क्या महसूस करती हैं। उनके बयान में एक तरफ अमिताभ के लिए गहरा आकर्षण और प्यार था, लेकिन दूसरी तरफ उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों के बीच वैसा निजी रिश्ता नहीं था, जैसा मीडिया में बताया जाता रहा।
जया बच्चन के लिए भी रेखा के मन में सम्मान था
इस इंटरव्यू में रेखा ने जया बच्चन के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने जया को ‘दीदीभाई’ कहकर संबोधित किया और उनके व्यक्तित्व, गरिमा और मजबूती की तारीफ की। रेखा के मुताबिक, अमिताभ से जुड़ी अफवाहों की वजह से उनके और जया के बीच कोई दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने बताया कि अफवाहों और मीडिया की अटकलों से पहले से उनका जया के साथ रिश्ता था और वह रिश्ता उनके लिए आज भी मायने रखता है।
‘सिलसिला’ के बाद दोनों फिर साथ नहीं आए
अमिताभ और रेखा की आखिरी फिल्मों में से एक ‘सिलसिला’ (1981) रही, जिसमें अमिताभ, रेखा और जया बच्चन एक ही कहानी का हिस्सा थे। फिल्म की कहानी और उस समय दोनों के रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाओं ने पर्दे और निजी जिंदगी के बीच की सीमा को धुंधला कर दिया। इसके बाद अमिताभ और रेखा किसी फिल्म में साथ नजर नहीं आए। रेखा ने सिमी गरेवाल को बताया था कि अब दोनों की मुलाकात सिर्फ सार्वजनिक कार्यक्रमों या अवॉर्ड फंक्शंस में होती है। उन्होंने अमिताभ के लिए सम्मानजनक शब्दों में कहा था कि वह उन्हें देखकर नमस्ते करती हैं और उनके बीच इतना ही संपर्क है। हर बार रेखा ने अपनी जिंदगी को नए सिरे से खड़ा किया। शुरुआती दौर की आलोचना से निकलकर उन्होंने ‘उमराव जान’, ‘खूबसूरत’, ‘इजाजत’, ‘सिलसिला’ और कई दूसरी फिल्मों में यादगार अभिनय किया और अपनी अलग पहचान बनाई।
रेखा का जन्म और पिता की बेरुखी
रेखा का जन्म 10 अक्टूबर 1954 को तमिल सिनेमा के मशहूर अभिनेता जैमिनी गणेशन और अभिनेत्री पुष्पवल्ली के घर हुआ था। लेकिन पिता की मौजूदगी उनके बचपन का हिस्सा नहीं बन सकी। सिमी गरेवाल के शो ‘रेंडेवू विद सिमी गरेवाल’ में रेखा ने अपने बचपन और पिता के बारे में बात की थी। उन्होंने बताया था कि जब वह बहुत छोटी थीं, तभी उनके पिता उनकी जिंदगी से चले गए थे। उन्हें याद नहीं था कि उनके पिता कभी घर में रहे हों। रेखा ने अपने माता-पिता के रिश्ते को रोमांटिक बताया था और कहा था कि उनकी मां अपने पिता के प्यार में बेहद डूबी हुई थीं। रेखा के लिए पिता की पहली याद भी किसी पिता-पुत्री के रिश्ते जैसी नहीं थी। उनके कई सौतेले भाई-बहन एक ही स्कूल में पढ़ते थे। जैमिनी गणेशन कभी-कभी अपने दूसरे बच्चों को स्कूल छोड़ने आते थे। रेखा ने बताया कि उन्हें दूर से देखकर उनके मन में आया था- ‘ओह, ये अप्पा हैं।’ लेकिन रेखा के मुताबिक, उनके पिता ने उन्हें नोटिस तक नहीं किया। उन्होंने बताया कि उन्हें उनसे मिलने का मौका कभी नहीं मिला और उन्हें नहीं लगता कि उनके पिता ने उस वक्त उन्हें देखा भी था।
रेखा का फिल्मों में आना सपना नहीं था
रेखा के लिए फिल्मों में आना किसी सपने के पूरा होने की कहानी नहीं थी। वह अभिनेत्री बनना ही नहीं चाहती थीं। उस उम्र में उनके सपने किसी आम लड़की जैसे थे- प्यार करने वाला जीवनसाथी, शादी और ढेर सारे बच्चे। परिवार की आर्थिक स्थिति ने उनके इन सपनों को पीछे धकेल दिया। रेखा ने बताया था कि घर में कई बच्चों की पढ़ाई और दूसरे खर्चों की जिम्मेदारी थी। उनकी मां ने उनसे साफ कहा कि उन्हें काम करना होगा। फिल्मों में काम करने की इच्छा नहीं होने के बावजूद रेखा ने इसे स्वीकार किया और कहा कि वह सिर्फ एक फिल्म करेंगी- ‘अंजाना सफर’। इसके बाद जो हुआ, उसने उनकी जिंदगी बदल दी। स्कूल छूट गया और महज किशोर उम्र में वह फिल्म स्टूडियो के चक्कर लगाने लगीं। एक तरफ घर की आर्थिक जरूरत थी, दूसरी तरफ फिल्म इंडस्ट्री उनके लिए अनजान दुनिया थी।
विनोद मेहरा से शादी
रेखा का नाम अभिनेता विनोद मेहरा के साथ जुड़ा तो उनकी निजी जिंदगी फिर चर्चा में आ गई। दोनों ने साथ में फिल्में कीं और उनकी नजदीकियों की खबरें सामने आती रहीं। इसी दौरान यह दावा भी किया गया कि दोनों ने गुपचुप शादी कर ली थी। कई सालों तक रेखा और विनोद मेहरा की कथित शादी की कहानी फिल्मी गलियारों में सुनाई जाती रही। यह भी कहा गया कि शादी के बाद जब विनोद मेहरा रेखा को अपने घर लेकर गए तो उनकी मां ने उन्हें बहू के रूप में स्वीकार नहीं किया। कुछ रिपोर्ट्स में ससुराल में रेखा के साथ बुरे व्यवहार की बात भी कही गई।
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