Finance Minister : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत अचानक रूस से कच्चा तेल खरीदना अचानक बंद नहीं कर सकता और न ही तुरंत दूसरे सप्लायर्स पर शिफ्ट हो सकता है। रूस और ईरान से तेल खरीदने वाले देशों पर ट्रम्प के 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने वाले नए कानून के बाद भारत की ओर से बयान सामने आया है।
देश की आबादी की ऊर्जा जरुरत
बिजनेसलाइन चेंजमेकर अवॉर्ड्स कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने कहा कि देश की 140 करोड़ आबादी की ऊर्जा जरूरतों और घरेलू ऊर्जा सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया है। भारत के लिए देश का हित सबसे ऊपर है और भारत दुनिया के हर उस हिस्से से तेल खरीदेगा जहां से यह आसानी से और सही शर्तों पर उपलब्ध होगा।
रूस से तेल बंद किया तो महंगाई बढ़ेगी
वित्त मंत्री ने कहा कि अगर भारत रूस को छोड़कर दूसरे देशों से तेल लेने लगा, तो मार्केट में तेल कम पड़ेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दाम अचानक बहुत बढ़ जाएंगे। सऊदी अरब की रिफाइनरियों पर हमलों और खाड़ी देशों के तनाव की वजह से दुनिया में पहले से ही क्रूड ऑयल की कमी है। रूस जैसे बड़े सप्लायर से अचानक हटने पर पूरे ग्लोबल मार्केट का संतुलन बिगड़ जाएगा।
भारतीय रिफाइनरियों की तकनीकी दिक्कत
वित्त मंत्री ने कहा कि देश की रिफाइनरियां एक खास तरह के मीडियम कच्चे तेल को ही प्रोसेस कर सकती हैं। हर तरह का तेल हमारे यहां साफ नहीं किया जा सकता। 140 करोड़ भारतीयों का हितरू अमेरिका के नए नियमों से चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन सरकार अपनी रिफाइनिंग क्षमता और आम जनता की जरूरतों को ध्यान में रखकर ही फैसले लेगी।
ट्रम्प के नए कानून से खतरा
अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स रूस से ज्यादा तेल खरीदने वाले 5 देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने वाला बिल पास किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस बिल पर साइन कर चुके हैं और अब यह कानून बन चुका है। रूस से ज्यादा कच्चा तेल खरीदने वाले 5 देशों की अमेरिकी लिस्ट में चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान शामिल हैं, इसलिए इस कानून से इन देशों पर टैरिफ का खतरा मंडरा रहा है।
भारतीय सामान दोगुने महंगे हो जाएंगे
अमेरिका भारत का सबसे बड़ा बाजार है, जहां भारत सालाना करीब 6.5 लाख करोड़ रुपए का सामान निर्यात करता है। जानकारी के अनुसार 100 प्रतिशत टैक्स लगने से भारतीय सामान वहां दोगुने महंगे हो जाएंगे और बिक्री ठप हो जाएगी। दूसरे रूसी तेल से भारत सालाना करीब 60,000 करोड़ रुपए बचाता है, लेकिन अमेरिकी बाजार खोने से होने वाला नुकसान इस बचत से 10 गुना ज्यादा होगा। नौकरियां जाएंगी और रुपया कमजोर होगा
भारत तेल लेना बंद करे तो रुकेगी जंग
दूसरी तरफ, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भारत और चीन से रूस से तेल खरीदना बंद करने की मांग की है। उनका कहना है कि रूस की अर्थव्यवस्था भारत और चीन के पैसों से ही चल रही है। जेलेंस्की के मुताबिक, अगर ये देश रूस से तेल लेना बंद कर दें तो रूस के पास पैसे खत्म हो जाएंगे और युद्ध अपने आप रुक जाएगा।
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