PM Meet Asgar Ali : पीएम मोदी के साथ गुजरात के वडनगर के स्कूल में पढाई करने वाले असगर अली वोहरा को आखिरकार पंद्रह सालों से विवाद में अटक रही उनकी जमीन का हक उन्हे वापस मिल गया है। असगर अली की पीएम मोदी के साथ 8 सितंबर को मुलाकात के बाद मंत्रालय, मुंबई नगर निगम और जमीन पर कब्जा जमाए भाजपा विधायक और जमीन पर कंस्ट्रक्शन का काम लेने वाली कंपनी के अधिकारी हरकत में आए और आनन फानन में महाराष्ट्र में ठाणे के मीरा रोड में रहने वाले 81 साल के असगर अली वोहरा को जमीन उन्हे वापस दे दी गई। असगर अली वोहरा और पीएम की मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आई थीं। वोहरा का दावा है कि उन्होंने गुजरात के वडनगर स्थित बीएन स्कूल में पीएम मोदी के साथ पढ़ाई की थी।
5 साल से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे थे वोहरा
वोहरा के मुताबिक, जमीन को लेकर वह करीब 15 साल से अलग-अलग सरकारी विभागों के सामने मामला उठा रहे थे। उनका आरोप है कि उनकी जानकारी के बिना फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और जमीन को दो कंपनियों के बीच बांट दिया गया। इन कंपनियों के नाम स्वयम बिल्डर्स और सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस हैं। वोहरा ने दोनों कंपनियों को नरेंद्र मेहता से जुड़ा बताया था। इस मामले में 2015 में एफआईआर भी दर्ज हुई थी।
मुलाकात के बाद अधिकारियों ने कंपनियों को बुलाया
वोहरा के मुताबिक, पीएम से मुलाकात के बाद मामले में गतिविधियां शुरू हुईं। मीरा-भायंदर नगर निगम ने दोनों कंपनियों के मैनेजमेंट को 16 सितंबर को अपना पक्ष रखने और मामले में स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया था। इससे पहले ही मंगलवार को मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी श्रीकर परदेशी ने मंत्रालय में बैठक बुलाई। इसमें वोहरा, नरेंद्र मेहता, मीरा-भायंदर नगर निगम आयुक्त राधा बिनोद शर्मा और टाउन प्लानर पुरुषोत्तम शिंदे मौजूद रहे।
कंपनी ने निगम से कंस्ट्रक्शन परमिट रद्द करने की मांग की
बैठक के बाद सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने ने मामले से पूरी तरह पीछे हटने की बात कही है। आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, कंपनी ने मीरा भायंदर नगर निगम के असिस्टेंट डायरेक्टर ऑफ टाउन प्लानिंग को लेटर देकर प्लॉट का कमेंसमेंट सर्टिफिकेट सरेंडर कर दिया। कंपनी ने बताया कि उसने 13 जून 2019 को रजिस्टर्ड डीड के जरिए प्लॉट खरीदा था और 17 अप्रैल 2026 को निर्माण की इजाजत हासिल की थी। लेकिन जमीन के मालिकाना हक के विवाद को देखते हुए कंपनी ने परमिट वापस करने का फैसला किया। उसने नगर निगम से कंस्ट्रक्शन परमिट रद्द करने और प्रोजेक्ट के लिए जमा की गई फीस वापस करने की मांग की।
मेहता ने पुरानी पुलिस शिकायत वापस लेने की बात कही
नरेंद्र मेहता ने पुलिस कमिश्नर को अलग लेटर भेजा। इसमें उन्होंने वोहरा और उनके सहयोगी अजय ढोका के खिलाफ पहले की गई शिकायत वापस लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। 2015 की इस शिकायत में वोहरा और ढोका पर अतिक्रमण और धमकी के आरोप लगाए गए थे। शिकायत वापस लेने से जुड़े लेटर संबंधित अधिकारियों को सौंपे गए हैं।
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