Tragedy : बेटे ने आईफोन की जिद की, माता पिता से विवाद हुआ और फिर पूरा परिवार पहाडी से गिरकर खत्म हो गया। आज के समय में स्मार्टफोन रखना भले ही जरुरी हो लेकिन जवान होते बच्चों के लिए यह एक जुनून हो चुका है। अपने साथी दोस्तों के पास मंहगा स्मार्टफोन देखकर मां-बाप से जिद करते हैं कि उन्हे भी वैसा ही फोन चाहिए और अभिभावक अपनी जेब को देखकर बच्चे को मना तो कर देते हैं लेकिन मन ही मन मायूस भी हो जाते हैं। इस प्रतिस्पर्धा के दौर में जान की कोई कीमत नहीं रह गई है। महाराष्ट्र के संभाजीनगर सुसाइड केस में ऐसा ही एक मामले ने हर इंसान को झकझोर कर रख दिया है।
वायरल विडियो में बेबस मां की पुकार
सोशल मीडिया पर वायरल एक नया वीडियो में साफ दिख रहा है कि कुणाल नाम का युवक सुसाइड करने के इरादे से एक ऊंची पहाड़ी पर खड़ा है. उसकी मां बदहवास हालत में उसे ऐसा करने से रोक रही है. मां चीख-चीखकर उसे पुकार रही है. मां बार-बार कह रही है कि बेटा मैं तेरे पैर पड़ती हूं, तू वापस आ जा, रुक जा ऐसा मत कर लेकिन बेटे नहीं माना. उसने कूदकर जान दे दी.बेटे के सुसाइड से पहले मां उसकी जान बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश करती नजर आ रही. बेबस मां ने अपने बेटे के आगे हाथ जोड़े. उसके पैर तक पकड़ने की बात कही. लेकिन बेटे का दिल नहीं पसीजा. उसने अपनी आंखों के सामने रोते-बिलखते छोड़ दिया और पहाड़ी से नीच कूद गया।
बेटे को बचाने में पिता की मौत
बेटे को बचाने की कोशिश में पिता की मौत हो गई. अपनी आंखों के सामने पति-बेटे को गिरते देख मां सदमें में आ गई. उसने भी पहाड़ी से नीचे छलांग लगा दी। दरअसल, छत्रपति संभाजीनगर के तिसगांव इलाके में शुक्रवार को यह दर्दनाक घटना सामने हुई. कुछ ही घंटों में एक पूरा परिवार खत्म हो गया. पुलिस के मुताबिक, 19 वर्षीय कुणाल चांदगुडे का अपने माता-पिता से आईफोन दिलाने को लेकर विवाद हुआ था. विवाद के बाद कुणाल परेशान होकर पहाड़ी पर चला गया। इसकी जानकारी मिलने पर पिता मुरलीधर चांदगुडे और मां संगीता उसे समझाने के लिए वहां पहुंचे। वालुज पुलिस के इंस्पेक्टर रामेश्वर गाड़े ने बताया कि घटना की शुरुआत सुबह करीब 10 बजे हुई. कुणाल आईफोन की मांग कर रहा था। माता-पिता से इसी बात को लेकर उसकी कहासुनी हुई, जिसके बाद वह खवड्या पहाड़ की तरफ चला गया. पहाड़ी काफी ऊंची और खड़ी चट्टानों वाली है, जिसके नीचे गहरी खाई है।
तीन घंटे तक कुणाल को समझाते रहे माता-पिता
हालात गंभीर होने पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंच गई. फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने पहाड़ी के नीचे सुरक्षा जाल लगाने की कोशिश की. इसके बावजूद कुणाल लगातार अपनी जगह बदलता रहा. करीब तीन घंटे तक उसे समझाने और सुरक्षित नीचे लाने की कोशिश चलती रही।
बेटे को बचाते पिता की मौत
दोपहर करीब 1 बजे कुणाल के पिता मुरलीधर भी उसके करीब पहुंचे. उन्होंने बेटे को समझाने के साथ उसे पकड़कर सुरक्षित वापस लाने की कोशिश की। इसी दौरान कुणाल ने पहाड़ी से नीचे छलांग लगा दी। बेटे को बचाने के प्रयास में पिता ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान दोनों का संतुलन बिगड़ गया और दोनों पहाड़ी से नीचे गिर गए।
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