Masoud Pezeshkian: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के अधिकारों में कटौती की गई है. मीडिया रिपोट्स में दावा किया गया है कि ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनई ने सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े अहम मामलों में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की भूमिका को सीमित कर दिया गया है. यहीं नहीं रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि IRGC कमांडर अहमद वाहिदी अब परमाणु कार्यक्रम, राष्ट्रीय सुरक्षा और अमेरिका से जुड़े बड़े मुद्दों पर अंतिम फैसला लेंगे.
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान लंबे समय से शिकायत कर रहे थे कि उनकी सरकार को बड़े फैसलों से दूर रखा जा रहा है. अब दावा किया जा रहा है कि सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनई ने साफ कर दिया है कि सेना की सलाह के मुताबिक ही रणनीतिक फैसले लिए जाएंगे. वहीं ईरानी राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया भी सामने आई है. उन्होंने कहा कि ईरान न तो जंग जारी रखना चाहता है और न ही उसे आगे बढ़ना चाहता है. अगर देश की सुरक्षा पर खतरा आया तो ईरान अपनी सीमाओं की रक्षा करेगा.
विदेश मंत्री अराघची को भी हटाने की तैयारी
ईरानी इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के कुछ सांसद विदेश मंत्री अब्बास अराघची को भी पद से हटाने की तैयारी कर रहे हैं. सांसद होसैनअली हाजीदेलिगानी ने कहा कि हम अराघची के खिलाफ महाभियोग लाने के लिए सबूत और जरूरी दस्तावेज जुटा रहे हैं. सांसद होसैनअली ने युद्धविराम की बातचीत पर भी सवाल उठाए. उन्होंने बातचीत को गलत ठहराते हुए कहा कि बातचीत की दोबारा शुरुआत युद्ध की वजह बन सकती है.
“अमेरिका-इजराइल के साथ टकराव में ईरान की जीत हुई”
अल मयादीन नेटवर्क के हवाले से हिजबुल्लाह चीफ नईम कासिम की भी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल के साथ टकराव में ईरान की जीत हुई है. इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान इस टकराव में जीत हासिल कर चुका है. अब इस बहस को कोई गुंजाइश नहीं बची कि इस संघर्ष में कौन जीता.
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