Ajit Dobhal : आज की नई युवा पीढी के खुले विचारों को लेकर एक बहस सी छिड गई है। देश के प्रमुख लोग युवाओं के विचारों पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से अपनी राय दे रहे हैं। इसी संबंध में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने शनिवार को पुणे में कहा, ‘ युवाओं को यह समझना होगा कि आजादी का मतलब केवल अपनी मर्जी से कुछ भी करने की मनमानी नहीं है।’ कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। उन्होंने कहा, ‘युवा आजादी को केवल अपनी इच्छा के अनुसार कुछ भी करने की स्वतंत्रता समझ सकते हैं, लेकिन आजादी का वास्तविक अर्थ यह नहीं है। हमें यह समझाना होगा कि देश की आजादी के पीछे एक लंबा संघर्ष और इतिहास रहा है।’
पुणे के कार्यक्रम में डोभाल हुए सम्मानित
शनिवार 1 अगस्त को अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक पुरस्कार मिला। इस कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। डोभाल ने कहा कि आज के युवाओं को सोचना चाहिए कि वे केवल राष्ट्रहित में काम करेंगे। उन्हें निजी हितों का त्याग करने के लिए तैयार रहना चाहिए और अगर ऐसे विचार मन में आएं भी, तो उन्हें नजरअंदाज कर देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि देश अपने मिशन में सफल होगा और इतिहास का एक नया अध्याय लिखेगा।
शाह बोले- डोभाल को एनएसए बनाना मोदी का फैसला
कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी द्वारा लिए गए पहले फैसलों में से एक अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त करना था। उन्होंने कहा कि इस कदम ने भारत के रणनीतिक रुख को बदल दिया। आज भारत की विदेश नीति में फौलाद जैसी मजबूती है और हमने आत्मसम्मान के साथ दुनिया में अपनी स्थिति मजबूत की है।
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