Student Protest : दिल्ली में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर एक्शन की तर्ज पर राजस्थान यूनिवर्सिटी में पिछले आठ दिनों से अनशन पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवाड़ को आज पुलिस और प्रशासन ने अनशन स्थल से उठाकर सवाई मानसिंह (एसएमएस) हॉस्पिटल में भर्ती करवा दिया। कार्रवाई के दौरान यूनिवर्सिटी परिसर में कुछ समय के लिए हंगामे का माहौल बन गया। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि छात्र की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए एहतियात के तौर पर उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
छात्र समर्थकों ने किया विरोध
मौके पर मौजूद छात्र समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अनशन स्थल पर मौजूद छात्रों ने कार्रवाई को आंदोलन को दबाने का प्रयास बताया। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों पर बातचीत करने के बजाय आंदोलन को खत्म करने की कोशिश कर रही है। बता दें कि शुभम रेवाड़ राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना और प्रदेशभर में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे थे। यह कार्रवाई बिल्कुल वैसे ही की गई जैसी सोनम वांगचुक के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा की गई थी।
छात्रों ने पुलिस कार्रवाई का किया विरोध
पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी राजस्थान विश्वविद्यालय स्थित अनशन स्थल पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने छात्र नेता शुभम रेवाड़ की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति का हवाला देते हुए उन्हें हॉस्पिटल ले जाने की बात कही। समर्थकों के विरोध के बीच पुलिस ने उन्हें अनशन स्थल से हटाकर एंबुलेंस के जरिए एसएमएस हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में भर्ती कराया गया है। छात्रों ने स्पष्ट किया कि शुभम रेवाड़ को हॉस्पिटल ले जाने से आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है, उनकी मांगों को लेकर सत्याग्रह आगे भी जारी रहेगा। फिलहाल शुभम रेवाड़ एसएमएस हॉस्पिटल में चिकित्सकीय निगरानी में हैं, जबकि विश्वविद्यालय परिसर में छात्र समर्थक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
हॉस्पिटल में भी अन्न ग्रहण नहीं करेंगे
अनशनकारी छात्र शुभम रेवाड़ ने कहा कि सरकार उनकी जायज मांगों का समाधान निकालने के बजाय पुलिस के माध्यम से आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य का हवाला देकर उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है लेकिन उनका संकल्प पहले की तरह अडिग है। उन्होंने घोषणा की कि जब तक राजस्थान विश्वविद्यालय में अलग राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना और प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव बहाली को लेकर सरकार की ओर से स्पष्ट लिखित आदेश जारी नहीं किया जाता, तब तक वे अस्पताल में भी अन्न ग्रहण नहीं करेंगे।
शुभम रेवाड़ और उनके समर्थकों की प्रमुख मांग
राजस्थान विश्वविद्यालय में अलग से राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना कर न्यूनतम शुल्क पर पढ़ाई शुरू की जाए। विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा में उच्च शिक्षा का अवसर मिल सके। प्रदेश के सभी सरकारी और निजी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में पिछले चार सालों से बंद छात्रसंघ चुनावों को तत्काल प्रभाव से दोबारा शुरू किया जाए।
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