Iran war : ईरान-अमेरिका के बीच जारी जंग की आग धीरे धीरे फैलती जा रही है और अब मिस्र तक पहुंच गई है। न्यूयॉर्क टाइम्स के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक मिस्र सरकार ने गुरुवार को बताया कि दमियाता पोर्ट पर दो गैस टैंकरों में लगी आग हादसा नहीं, बल्कि ड्रोन हमले का नतीजा थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक ड्रोन ने अमेरिकी कंपनी के नैचुरल गैस स्टोरेज टैंकर एनरगोस विंटर को निशाना बनाया, जिसके बाद आग पास में खड़े दूसरे टैंकर गैसलॉग सलेम तक फैल गई। हालांकि, दमकल टीम ने जल्द ही आग पर काबू पा लिया और कोई हताहत नहीं हुआ। इस हमले के पीछे ईरान का हाथ बताया जा रहा है।
जंग का संदेश
न्यूयॉर्क टाइम्स ने दो ईरानी सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि हमले का मकसद यह मैसेज देना था कि अगर जंग और बढ़ी तो दुनिया की समुद्री शिपिंग और एनर्जी सप्लाई भी गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है।
ईरान जंग से दूर रहना चाहते हैं अरब देश
ईरान-इजराइल जंग के बीच अरब देश खुद को इस संघर्ष से दूर रखना चाहते हैं। मिडिल ईस्ट मामलों के जानकारों के अनुसार इस संघर्ष के सबसे करीब मौजूद सभी अरब देशों का एक ही मकसद है- किसी भी हाल में सीधे टकराव का हिस्सा बनने से बचना। उनके मुताबिक ईरान और इजराइल दोनों चाहते हैं कि जंग का दायरा बढ़े और दूसरे देश भी इसमें किसी न किसी तरीके से शामिल हों। ईरान चाहता है कि अरब देशों को महसूस हो कि उनकी सुरक्षा भी इस जंग से जुड़ी हुई है। लेकिन अगर मौजूदा संघर्ष की बात करें, तो ईरान पहले ही इराक, कुवैत, कतर और बहरीन जैसे देशों में हमले कर चुका है। वहीं, सऊदी अरब ने इसी हफ्ते इराक में मौजूद ईरान समर्थक लड़ाकों के ठिकानों पर हमले किए हैं।
ईरान ने बातचीत की खबरों से किया इनकार
ईरान ने पाकिस्तान या कतर में बातचीत के लिए कोई डेलीगेशन भेजने की खबरों को खारिज कर दिया है। नूर न्यूज ने गुरुवार को एक अधिकारी के हवाले से यह जानकारी दी। अधिकारी ने यह भी खंडन किया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जिनेवा, दोहा या इस्लामाबाद में फिर से शुरू होने वाली है। अधिकारी ने कहा कि अमेरिका की हालिया कार्रवाई के बाद ईरान और ओमान के बीच चल रही बातचीत में भी मुश्किलें आ गई हैं।
मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैनिकों के फोन जब्त
जानकारी के मुताबिक मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी सैनिकों के मोबाइल फोन जल्द जब्त किए जा सकते हैं। अमेरिका को आशंका है कि सैनिकों के सोशल मीडिया वीडियो देखकर ईरान यह पता लगा रहा है कि उसके मिसाइल और ड्रोन हमले कितने असरदार रहे और कहां कितना नुकसान हुआ। सैनिकों को सैन्य गोपनीयता के नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा है। ऐसी जानकारी दुश्मन के लिए फायदेमंद हो सकती है और इससे सैनिकों व आम लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।
पाकिस्तान बोला- अमेरिका और ईरान फिर बातचीत करें
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने दोनों देशों से बातचीत फिर शुरू करने की अपील की है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि उनका देश दोनों पक्षों को इस्लामाबाद एमओयू के तहत फिर से साथ लाने की पूरी कोशिश कर रहा है।
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