Kangana Ranaut Controversy: बीजेपी सांसद व एक्ट्रेस कंगना रनौत ने टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. दरअसल, कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी में आज की पीढ़ी की महिलाओं को गटर छाप, भ्रष्ट्र और कई पुरुषों से संबंध रखने वाली बता दिया. जिसको लेकर विवाद खड़ा हो गया है. कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उनकी अपनी पार्टी के सदस्य भी कंगना रनौत की बातों पर ज़्यादा ध्यान नहीं देते या उन्हें गंभीरता से नहीं लेते, तो हम क्यों लें? मुझे नहीं लगता कि Gen Z, Gen Alpha या किसी भी युवा पीढ़ी का कोई भी व्यक्ति उन्हें गंभीरता से लेता है या उनकी बात सुनता है. अब वह एक राजनेता हैं. हिमाचल प्रदेश में अपने चुनाव क्षेत्र के दौरे के दौरान उनके कुछ वीडियो सामने आए थे, जिनमें उन्होंने कहा था कि उन्हें लगा था कि इस काम में बहुत कम मेहनत लगेगी, लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि सांसद होने के नाते बहुत ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इससे उनकी अपनी गंभीरता का पता चलता है.
कांग्रेस ने भी कंगना रनौत पर पलटवार
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने भाजपा सांसद कंगना रनौत के बयान पर कहा कि वो हमारे सदन की सम्मानित सदस्य हैं. लेकिन उनके वक्तव्य को जब भारतीय जनता पार्टी ही सीरियसली नहीं लेती है, तो पब्लिक और पूरे देश की जनता है, वह भी उनको सीरियसली नहीं लेती है. वो अच्छी अभिनेत्री हो सकती हैं, लेकिन एक सांसद के रूप में…वह सुभाष चंद्र बोस को देश का पहला प्रधानमंत्री बना देती हैं. 2014 के बाद देश को आजाद बताती हैं, तो उनको सीरियसली लेने की आवश्यकता नहीं है.
कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर क्या लिखा था?
कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा कि सबसे शर्मनाक बात उन युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है, जो स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं के जीवन की नकल करना चाहती हैं, बिना उस आज़ादी को अर्जित किए. जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र होती हैं, वे साहसिक और परंपराओं से हटकर फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, अलग तरह का करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की पूरी ज़िम्मेदारी भी उठाती हैं. उन्हें अपने कर्मों की कीमत खुद चुकानी पड़ती है. यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं. आज तथाकथित पश्चिमी सोच से प्रभावित भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी सामने आई है. मैं इन्हें ‘गटर जेनरेशन’ कहती हूं. इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ भी नहीं है. वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं, लेकिन उनकी सोच इतनी खराब और भ्रष्ट है कि वे अच्छी गृहिणी भी नहीं बन सकतीं. इसके बावजूद वे अपनी तथाकथित आज़ादी का दिखावा करती हैं. कंगना ने स्टोरी में आगे लिखा कि नशा करना, शराब पीना और अनेक यौन संबंध बनाना वे अपनी स्वतंत्रता मानती हैं. वे बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर जीती हैं और लगातार स्वतंत्र जीवन जीने की बातें करती हैं, जबकि वास्तव में वे आत्मनिर्भर नहीं होतीं. एक छोटी-सी याद दिला दूं- स्वतंत्र जीवन कमाना पड़ता है. यदि आप बिना ज़िम्मेदारी उठाए स्वतंत्र जीवन जीने की कोशिश करते हैं, तो आप केवल विकृत मानसिकता वाले व्यक्ति हैं… गटर छाप.
इंस्टाग्राम स्टोरी पर बोलीं कंगना?
वहीं जब कंगना से इंस्टाग्राम स्टोरी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया, जो स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने भी छात्र आंदोलनों में हिस्सा लिया है, लेकिन इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करने वालों को छात्र नहीं कहा जा सकता. उन्होंने 16 साल की उम्र से अपना करियर बनाया और कभी अपने माता-पिता पर बोझ नहीं बनीं. उनके मुताबिक, समाज में इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है.
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