Anti Paper Leak Bill 2026: लोकसभा में पेपर लीक से जुड़े ‘पब्लिक एग्जामिनेशन’ संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि अब मैं सदन के सामने 2024 NEET-UG पेपर लीक की जांच की मौजूदा स्थिति रखना चाहता हूं. ताकि देश यह समझ सके कि यह सरकार NEET परीक्षा में हुए बड़े भ्रष्टाचार को लेकर कितनी गंभीर है. बड़े अफ़सोस के साथ मैं यह बताना चाहता हूं कि 2026 में छपे एक लेख में कहा गया था कि NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले में जिन 45 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी, उनमें से 44 को पहले ही जमानत मिल चुकी है. यह है सरकार की गंभीरता… क्योंकि 2024 में यह कानून लाने के बाद भी, 2026 में फिर से पेपर लीक हो गया. अगर कानून इतना मजबूत था, तो सिर्फ दो साल बाद इतना बड़ा पेपर लीक कैसे हो गया? दुख की बात यह है कि तब भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ही थे. जब 2024 का पेपर लीक एक राष्ट्रीय मुद्दा बन गया, तो क्या आप जानते हैं धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा? उन्होंने कहा, ‘पेपर कहां लीक हुआ है? कोई पेपर लीक नहीं हुआ है’.
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आगे कहा कि कुछ दिन पहले हमें बताया गया था कि NTA से जुड़े लगभग 47 लोगों का तबादला किया गया है. मैं सरकार से उन 47 लोगों के बारे में रिपोर्ट चाहता हूं जिनका तबादला या जिन्हें सस्पेंड किया गया. वे कौन हैं? क्योंकि NTA में मंजूर स्टाफ की संख्या सिर्फ 34 है. मंजूर संख्या 34 है, तो ये 47 लोग कौन हैं? ये 47 लोग कौन हैं?
“कमल की पुलिस ने उसी उंगली को तोड़ दिया”
वहीं प्रदर्शनकारी के दौरान हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए गौरव गोगोई ने कहा कि लोग 20 जुलाई की रात 10 बजे प्रदर्शन में पहुंचे कि मैं भी एक लाठी खा लूंगा. हमें याद दिलाया कि लोकतंत्र है खून से लथपथ चेहरे के बावजूद एक लड़का पुलिस को ललकार रहा था. बहुत लोग कहते हैं कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में गलत शब्द भी कहे गए. मैं उन शब्दों का समर्थन नहीं करता लेकिन उन शब्दों को याद करना चाहिए कि जो उन बच्चों ने याद दिलाया. वसीम बरेलवी की कविता-उसूलों की आंच आए तो टकराना जरूरी है. जिंदा हो तो जिंदा नजर आना जरूरी है. पुलिस की लाठियों से कुछ अनजाने लड़कों ने लड़कियों को बचाया. एक लड़का कहता है कि इसी उंगली से हमने कमल को वोट डाला था, आज कमल की पुलिस ने उसी उंगली को तोड़ दिया. गोगोई ने कहा कि मैं उन लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने स्विगी के जरिए लोगों को खाना भिजवाया. वकीलों ने भी कहा कि वो लोकतंत्र के साथ खड़े हैं.
“लोकतंत्र की तांकत भी देखी और सरकार की क्रूरता भी देखी”
उन्होंने कहा कि हमने लोकतंत्र की ताकत भी देखी और सरकार की क्रूरता भी देखी. हमने देखा कि किस तरह से पुलिस ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया और हमने वो भी देखा जब एक पुलिसकर्मी ने लड़की की गाल पर थप्पड़ मारा, एक बच्ची के प्राइवेट पार्ट पर हमला किया गया. हम नहीं भूलेंगे. हम गृह मंत्री का जवाब चाहते हैं. गोगोई ने कहा कि यह बिल इसलिए आया कि आपकी पुलिस इस आंदोलन को कुचल नहीं पाई. बिहार में आपकी पुलिस ने AK-47 का इस्तेमाल किया.
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