Raja Raghuvanshi Murder Case: इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड केस में आरोपी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने सोनम की जमानत रद्द करते हुए 3 सप्ताह के भीतर सरेंडर करने के आदेश दिए हैं. अब सोनम को दोबारा जेल जाना होगा. हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर 6 महीने के अंदर ट्रायल पूरा नहीं होता तो वह नए सिरे से जमानत के लिए आवेदन कर सकती है.
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने कहा कि गिरफ्तारी के समय सोनम को कारण पता था, लेकिन अगर अरेस्ट मेमो में टाइपिंग की कोई कमी हुई तो वो जमानत का आधार नहीं. केस अभी अहम चरण में है. अंग केस धीमी रफ्तार से चलता है और 6 महीने में पूरा नहीं होता तो सोनम जमानत का नया आवेदन दाखिल कर सकती है.
28 अप्रैल को मिली थी जमानत
बता दें कि सोनम की गिरफ्तारी के समय पुलिस ने मेमो और केस डायरी में हत्या के लिए लगने वाली BNS की धारा 103 की जगह धारा 403 लिख दिया था, जबकि BNS में कोई ऐसी कोई धारा ही नहीं है. निचली अदालत ने 28 अप्रैल 2026 को सोनम को सशर्त जमानत दे दी. कोर्ट ने कहा कि आरोपी को गिरफ्तारी का सही कारण न बताना संविधान के अनुच्छेद 22(1) का सीधा उल्लंघन है. 29 जून को हाईकोर्ट ने निचली कोर्ट का आदेश बरकरार रखा.
क्या है पूरा मामला?
इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी 11 मई 2025 को सोनम से हुई थी. इसके बाद दोनों मेघालय में हनीमून मनाने के लिए गए, लेकिन चेरापूंजी में राजा रघुवंशी लापता हो गए. इसके बाद राजा का शव गहरी खाई से बरामद हुआ. पुलिस जांच में सामने आया कि राजा रघुवंशी को उनकी पत्नी सोनम और उसके कथित प्रेमी राजा कुशवाहा ने मारा था. 9 जून 2025 को सोनम को यूपी के गाजीपुर से गिरफ्तार कर लिया गया था.
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