Rahul Gandhi: नई दिल्ली के इंदिरा भवन में आज बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि ऐसा क्यों हो रहा है? हमारे छात्रों ने आखिर ऐसा क्या किया था कि हमारे सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें पीटा. वे शांति से प्रदर्शन कर रहे थे, वे क्राइम में नहीं थे, कई बच्चों ने आत्महत्या की है. यह एक जायज़ समस्या है. पिछले 10 सालों में 152 पेपर लीक हुए हैं और एक भी दोषी नहीं पाया गया. यही कारण है कि हमारे युवा विरोध कर रहे हैं.
LIVE: Special Congress Party Briefing by LoP Shri @RahulGandhi at AICC HQ, New Delhi https://t.co/R9vqXCB83P
— Congress (@INCIndia) July 22, 2026
“हमारी शिक्षा लोगों की पहुंच से बाहर है”
उन्होंने कहा कि हमारी शिक्षा लोगों की पहुंच से बाहर है. सरकार पूरे देश से टैक्स लेती है और कहती है कि इससे 1.4 लाख करोड़ रुपए शिक्षा में डाले जाएंगे. इसके बाद भारत की शिक्षा व्यवस्था इन परिवारों से कहती है कि हम 1.32 लाख करोड़ रुपए NEET परीक्षा देने के लिए लेंगे. यह सभी छात्रों और उनके परिवारों का अपमान है. यह मध्यम वर्गी और गरीबों के लिए मुश्किल की बात है. शिक्षा के बाद देश का कमिटमेंट होना चाहिए कि हम आपको रोजगार देंगे.
राहुल गांधी ने आगे कहा कि छात्रों की कुछ मांगें हैं-
1. पहली मांग पूरी तरह से जायज़ है कि धर्मेंद्र प्रधान, जो शिक्षा मंत्री के तौर पर फेल हो चुके हैं और भ्रष्ट माने जाते हैं, उन्हें उनकी ड्यूटी से हटा दिया जाना चाहिए. 100% जायज़ मांग है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है. उन्होंने भारत और दुनिया को दिखा दिया है कि वह इस सिस्टम को चलाने में काबिल नहीं हैं. एक के बाद एक एग्जाम लीक हो रहे हैं.
2. दूसरी मांग यह है कि जिस एक आदमी ने हमारे स्टूडेंट्स पर उंगली उठाई और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि इसे ऑर्डर करने वाले और इसे करने वाले लोग कौन हैं, उन्हें जवाबदेह बनाया जाना चाहिए.
3. तीसरी बात यह है कि जो आदमी इस पूरे सिस्टम को चला रहा है, जो आदमी आखिरकार इस सब के लिए जवाबदेह है, उसमें इतनी तमीज़ होनी चाहिए कि वह जो हुआ है उसके लिए स्टूडेंट्स से माफी मांगे.
“भारत की सबसे बड़ी संपत्ति को बर्बाद कर दिया”
कांग्रेस सांसद ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने सचमुच भारत की सबसे बड़ी संपत्ति को बर्बाद कर दिया है. हमारी शिक्षा प्रणाली खत्म कर दी गई है और इसलिए हम इन मांगों का पूरा सपोर्ट करते हैं और हम सड़कों पर उतरे हर एक स्टूडेंट का पूरा सपोर्ट करते हैं. हमारा एजुकेशन सिस्टम गरीबों और मिडिल क्लास लोगों के लिए पहुंच से बाहर
है. हिंदुस्तान की सरकार जितना पैसा शिक्षा बजट में डालती है, उतना ही पैसा एक NEET एग्जाम के लिए छात्र और उनके परिवार सरकार को देते हैं. ये देश के हर एक छात्र और उनके परिवार का अपमान है.
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