CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक संसद भवन के करीब पहुंच गए हैं. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे हैं. जिसके बाद भीड़ तितर-बितर हो गई है. संसद की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. संसद के मेन गेट को बंद कर दिया गया है. इसी बीच CJP फाउंडर अभिजीत दीपके के भूख हड़ताल खत्म करने की खबर भी सामने आई है. वहीं CJP के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से बातचीत करने के लिए गए हैं.
वहीं दूसरी तरफ सोनम वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखा है, जिसमें लिखा है ‘संसद मार्च में जाना है, मुझे डिस्चार्ज करें’.
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की है. बता दें कि CJP प्रदर्शनकारियों और सोनम वांगचुक की प्रमुख मांग है शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा.
प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज से भड़का विपक्ष
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे सांसदों को पुलिस स्टेशन में रखा गया है, जबकि बाहर बच्चों को पीटा जा रहा है. यह कैसी सरकार है? आप बच्चों की बात नहीं सुनना चाहते. अगर NEET परीक्षा हुई और उसमें गड़बड़ी हुई, तो इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है?. आप ‘विश्वगुरु’ बनना चाहते हैं. आप दावा करते हैं कि दुनिया ‘अमृत काल’ में है, फिर भी आप अपने मंत्रियों को नहीं हटा सकते. आपने नौकरियां या रोज़गार नहीं दिया. अगर नौकरियां दी गई होतीं, तो क्या बच्चे सड़कों पर उतरते? अभी मुख्य सवाल यह है कि NEET छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और यहां विरोध कर रहे छात्रों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाना चाहिए. जब लोग विरोध प्रदर्शन करते थे, तो अंग्रेज़ उनकी बात सुनते थे. इसीलिए आज पूरी दुनिया में गांधी का सम्मान किया जाता है. उन्होंने विरोध का रास्ता दिखाया. जिस तरह से वे प्रदर्शनकारियों को हटा रहे हैं – उम्मीद है कि सरकार को अंत में ‘सम्मानजनक विदाई’ न मिल जाए.
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह सरकार लोगों के मुद्दों को लेकर बिल्कुल भी संवेदनशील नहीं है. आप NEET और CBSE परीक्षा के पेपर लीक होने से देश के परिवारों का दर्द देख सकते हैं. माता-पिता छात्रों यानी अपने बेटे-बेटियों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं. हमारी यह मांग है कि शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें और NEET, CBSE परीक्षाओं पर चर्चा हो कि परीक्षा प्रणाली को कैसे बेहतर बनाया जाए, पेपर लीक को कैसे रोका जाए और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता कैसे बनाए रखी जाए. इस पर विस्तार से चर्चा होनी चाहिए और कार्रवाई भी होनी चाहिए. सरकार चर्चा के लिए तैयार नहीं है. स्पीकर हमें इस मुद्दे पर बोलने नहीं दे रहे हैं.
यह भी पढ़ें: “सरकार उन्हें मारने की कोशिश…” प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज को लेकर राज्यसभा में बोले खरगे



