Monsoon Session 2026: मानसून सत्र के पहले दिन राज्यसभा में नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया गया. राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि जंतर-मंतर पर बच्चे इकट्ठा हुए हैं, उनकी आवाज को दबाया जा रहा है. सरकार उनपर लाठीचार्ज करवा रही है. उन्होंने कहा कि मैं लाखों छात्रों को भविष्य के बारे में बात कर रहा हूं. जंतर-मंतर पर आज हजारों बच्चे आए हैं, वहां लाठीचार्ज हो गया है. सरकार मारने की कोशिश कर रही है. सरकार दबाने की कोशिश कर रही है. सरकार कुचलकर वहां से हटाने की कोशिश कर रही है. लोकसभा में भी विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया. विपक्षी नेताओं ने नीट यूजी पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी समेत कई मुद्दों पर चर्चा की मांग की. कई सांसद पोस्टर, बैनर लेकर पहुंचे. विपक्ष के सांसदों की ओर से अलग-अलग मुद्दों पर नारेबाजी के बीच, राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई और अब यह आज दोपहर 2:00 बजे फिर से शुरू होगी.
वहीं मीडिया से बातचीत के दौरान राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सरकार छात्रों के लिए संवेदनशील नहीं है. अगर आपको परीक्षा करानी नहीं आती है तो आप यह जिम्मेदारी किसी और को दीजिए. आज छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ तो यह लोकतंत्र पर हमला है. चंदा चोरी भी हमारा मुद्दा है. करोड़ों रुपए की लूट हो रही है. प्रधानमंत्री मोदी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए.
“लाठीचार्ज की क्या जरूरत थी”
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने संसद के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि जब प्रदर्शन शांतिपूर्ण हो रहा है तो लाठीचार्ज की क्या जरूरत थी. लाठीचार्ज अहिंसा नहीं, बल्कि हिंसा है. इसकी कोई तर्कसंगत वजह मुझे समझ नहीं आती. देश के कई गंभीर मुद्दे हैं. उन पर संसद में चर्चा होना स्वाभाविक और जरूरी है. संसद जनता की आवाज और उनकी चिंताओं को उठाने का मंच है. सरकार के पास बहुमत है इसलिए अंत में फैसला चलेगा. विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलना चाहिए.
“सरकार कोई भी बात सुनने को तैयार नहीं”
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव, पार्टी के अन्य सांसदों के साथ संसद से जंतर-मंतर तक मार्च किया. इस दौरान समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने कहा कि हम चाहते हैं कि छात्रों की बात सुनी जाए…देश भर में किसान हों, पर्यावरण का मुद्दा हो या युवा हो, हर कोई परेशान है लेकिन सरकार कोई भी बात सुनने को तैयार नहीं है…छात्र बस निष्पक्ष परीक्षा चाहते हैं. सांसद जिया उर रहमान बर्क ने कहा कि आज देश के भविष्य माने जाने वाले युवाओं और छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया. समाजवादी पार्टी के सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने जा रहा है और हम उनके आंदोलन का पूरा समर्थन करते हैं. हमने संसद में भी मजबूती से उनका पक्ष रखा है. हम चाहते हैं कि सरकार छात्रों से संवाद करे.
“यह सरकार नहीं अहंकार है”
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि यह सरकार नहीं अहंकार है. जब करोड़ों लोग इस आंदोलन से जुड़े हों, जिन बच्चों की जान गई, उनके लिए एक शब्द नहीं बोले. सरकार का इससे बड़ा अहंकार क्या हो सकता है. छात्र चाहते हैं कि सरकार उन्हें सुने लेकिन सरकार उन्हें नहीं सुनना चाहती है.
यह भी पढ़ें: “वहां शोर-शराबे की जरूरत नहीं…” संसद के मानसून सत्र से पहले बोले PM मोदी



