Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या राम मंदिर चढ़ाना चोरी पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने दुख जताया है. इसके साथ ही संघ ने भरोसा जताया है कि इस मामले में जांच कर रही SIT और पुलिस की कार्रवाई जल्द ही किसी बड़े और निर्णायक नतीजे पर पहुंचेगी. कर्नाटक के बेलगामी में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि राम मंदिर दान चोरी पर संघ दुखी है. संगठन ने मंदिर ट्रस्ट से आग्रह किया है कि ऐसी कोई घटना दोबारा ने हो जिससे भक्तों की आस्था कमजोर हो. राम मंदिर चढ़ाना चोरी पर RSS के बयान पर विपक्षी पार्टियों ने पलटवार किया है. कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि यह बहुत बड़ा मज़ाक है कि राम मंदिर चंदे की चोरी के मामले में RSS माफ़ी मांग रहा है. जो लोग इस चोरी के लिए ज़िम्मेदार हैं, वही माफ़ी मांग रहे हैं. इसका क्या मतलब है? इसके लिए RSS ही ज़िम्मेदार है. चोरी सिर्फ़ अयोध्या में ही नहीं बल्कि बद्रीनाथ और केदारनाथ में भी हुई है. सरकार को सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में इसकी जांच करवानी चाहिए. जो लोग इसके लिए ज़िम्मेदार हैं, उन्हें जेल में होना चाहिए.
“RSS राम मंदिर चंदा चोरी के लिए जिम्मेदार है”
के. सी. वेणुगोपाल ने आगे कहा कि RSS राम मंदिर चंदा चोरी के लिए जिम्मेदार है. यह स्पष्ट है कि वे वास्तव में जिम्मेदार हैं. सरकार को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कमेटी का गठन करना चाहिए. इस चोरी के लिए जो भी जिम्मेदार है वो जेल जाना चाहिए यही हमारी मांग है.
“देश आपसे चिंता नहीं चाहता है”
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि SIT की जांच में ये जो चाहेंगे वह परिणाम आ जाएगा. मैं RSS से कहना चाहता हूं कि देश आपसे चिंता नहीं चाहता है. देश आपसे माफी की अपील करता है. अगर वहां(राम मंदिर) चोरी हुई है तो उसके जिम्मेदार आप हैं. सभी मामलों में आप दखल देते हैं और आपका निर्देशन चलता है. RSS को चाहिए कि वे पहले माफी मांगे.
“RSS-VHP से जुड़े ट्रस्टियों की देखरेख में घटना हुई”
शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि RSS धर्म और राम मंदिर को लेकर लगातार अपनी तारीफ़ कर रहा था. यह शर्मनाक है कि RSS और VHP से जुड़े ट्रस्टियों की देखरेख में इतनी बड़ी घटना हुई. अगर उत्तर प्रदेश सरकार का फ़ैसला राजनीति से प्रेरित नहीं होता, तो यह जांच CBI से कराई जाती.
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