Congress : राजस्थान कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की गुटबाजी का परिणाम अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी में देखने को मिला है जहां अशोक गहलोत समर्थक कांग्रेसियों को जगह दी गई है वहीं सचिन पायलट समर्थकों को बिल्कुल नजरअंदाज कर दिया गया है। अजमेर शहर कार्यकारिणी में नाम नहीं आने पर सचिन पायलट समर्थक निराश हुए है।
धर्मेन्द्र राठौड का बढा दबदबा
अजमेर को सचिन पायलट का वर्चस्व वाला क्षेत्र माना जाता रहा है लेकिन जिस तरह से अशोक गहलोत के खास करीबी पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौड का अजमेर में दबदबा बढता दिखा और राजकुमार जयपाल को जिला अध्यक्ष बनाया गया तभी से यह लगने लगा था कि अजमेर की कांग्रेस राजनीति में सचिन का दौर खत्म हो रहा है। यह सच साबित हुआ जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देशानुसार प्रदेश संगठन महासचिव ललित तुनवाल ने जो अजमेर शहर कार्यकारिणी के 31 पदाधिकारियों की घोषणा की जिसमें अशोक गहलोत गुट के समर्थकों का बोलबाला रहा और सचिन पायलट समर्थकों को नजर अंदाज कर दिया गया है।
एससी-एसटी वर्ग को आगे
अजमेर में एससी -एसटी वर्ग में कांग्रेस का वोट बैंक बढाने के लिए शहर कार्यकारिणी में एससी-एसटी वर्ग को बढ़ावा दिया गया। महिला आरक्षण की पैरवी करने वाली कांग्रेस ने शहर कार्यकारिणी में 31 में दो पदाधिकारी अनीता रावत एवं गीता गुर्जर की नियुक्ति की है और पुरानी कार्यकारिणी से मात्र तीन पदाधिकारी सैयद फकरे मोईन नोरत गुर्जर एवं गीता गुर्जर को लिया है।
गहलोत गुट का बोलबाला
शहर कार्यकारिणी में पूर्व सांसद एवं पूर्व चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा नितिन जैन को, अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी महेंद्र सिंह रलावता अपने भाई गजेंद्र सिंह रलावता को, अजमेर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेसी प्रत्याशी एवं नेता प्रतिपक्ष डाँ द्रोपती कोली मुकेश पवार, हरि प्रसाद जाटव, हरपाल सिंह छाबड़ा, चंदू पालीवाल को बनवाने में कामयाब रहें। कार्यकारिणी में नवीन कच्छावा को भी शहर उपाध्यक्ष बनाया गया। कच्छावा कांग्रेस ओबीसी विभाग की प्रदेश कार्यकारिणी में है।
सचिन पायलट समर्थकों को जगह नहीं
अजमेर शहर पूर्व अध्यक्ष विजय जैन, पीसीसी सदस्य हेमंत भाटी, नगर निगम अजमेर के पूर्व मेयर कमल बाकोलिया के किसी समर्थक को कार्यकारिणी में जगह नहीं मिली यह सभी सचिन पायलट समर्थक हैं। गठन से असंतुष्ट कांग्रेसियों में चर्चा है कि शहर कार्यकारिणी में अधिकांश पदाधिकारी पार्टी में नए रंगरूट है। जिनका धरातल पर कोई अस्तित्व नहीं है और पूर्व में कांग्रेस के कार्यक्रमों में नदारत रहते थे। सचिन पायलट समर्थको ने गुस्से का इजहार किया है। पायलट समर्थकों का मानना है कि नगर निगम अजमेर चुनाव 2026 में कांग्रेस ने भाजपा को गुटबाजी की थाली में परोस के बोर्ड दे दिया है।
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