INS Mahendragiri: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज (11 जुलाई) विशाखापट्टनम में भारतीय नौसेना के नए स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस महेंद्रगिरि को औपचारिक रूप से नौसेना में शामिल किया. यह प्रोजेक्ट 17ए के तहत बना छठा स्वदेश युद्धपोत है और इसे नौसेना के ईस्टर्न फ्लीट में शामिल किया गया है. इस मौके पर रक्षा मंत्री ने कहा कि सबसे पहले, मैं भारतीय नौसेना के नए चीफ एडमिरल कृष्णा स्वामिनाथन को हार्दिक बधाई देना चाहता हूं क्योंकि उनकी नियुक्ति नौसेना प्रमुख के रूप में होने के बाद मैं पहली बार किसी कार्यक्रम में शामिल हो रहा हूं और आज एडमिरल कृष्णा स्वामिनाथन को हिंदी में बोलते हुए भी पहली बार सुना है. मैं कह सकता हूं एडमिरल कृष्णा स्वामिनाथन को सुनने के बाद कि अगर मुझे कोई कहे कि इनकी स्पीच के बारे में आप रेटिंग करिए, तो मैं यह कहूंगा – एक्सीलेंट. INS महेंद्रगिरी के कमीशनिंग के अवसर पर आप सब के बीच उपस्थित होना मेरे लिए अत्यंत गौरव का विषय है. मैं इस अवसर पर मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड के हर एक कर्मयोगी को, इंडियन नेवी को, महेंद्रगिरी की पूरी क्रू को, तथा सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई देता हूं.
Every warship has a journey.#Mahendragiri’s began with indigenous design and the craftsmanship that shaped her.
As the sixth Project 17A Nilgiri-class frigate prepares for commissioning, today #11Jul 26, witness the making of a frontline combatant built for the Navy of… pic.twitter.com/C4lFtCALAY
— SpokespersonNavy (@indiannavy) July 11, 2026
“अंडर वॉटर काउंटर मेजर सिस्टम बनेंगे”
राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि जहां ऑटोनॉमस अंडर वॉटर व्हीकल्स बनेंगे, टॉरपीडो बनेंगे, अंडर वॉटर काउंटर मेजर सिस्टम बनेंगे. यानि वेपन सिस्टम जो कभी हम विदेशों से इंपोर्ट करते थे, अब हमारे अपने यहां भारत में बनेंगे और मैंने उस समय कुरनूल में आठ ड्रोन कंपनियों के एक कंसोर्शियम द्वारा एक ड्रोन सिटी की स्थापना की भी बात की थी. जैसे हम लोग सूरत को डायमंड सिटी कहते हैं, बैंगलोर को देश की सिलिकॉन वैली कहते हैं, वैसे ही एक दिन मैं मानता हूं कि यह क्षेत्र देश का ड्रोन हब के रूप में जाना जाएगा. रक्षा मंत्री ने कहा कि P-17A सीरीज़ का पहला जहाज़, INS नीलगिरि जनवरी 2025 में हमारे प्रधानमंत्री द्वारा कमीशनिंग किया था. फिर अगस्त 2025 में INS उदयगिरी, INS हिमगिरी दोनों एक साथ कमीशन हुए थे और फिर इसी वर्ष अप्रैल 2026 में यही विशाखापत्तनम में INS तारागिरी की कमीशनिंग हुई. अभी कुछ ही सप्ताह पहले जून में कोलकाता में INS दुनागिरी को प्रधानमंत्री जी ने ट्राई कमीशनिंग के अवसर पर राष्ट्र को समर्पित किया और आज यह छठा जहाज INS महेंद्रगिरी हमारी नेवी को प्राप्त हो रहा है.
“देश के ‘ड्रोन हब’ के तौर पर पहचाना जाएगा”
उन्होंने कहा कि मैंने पहले भी कुरनूल में आठ ड्रोन कंपनियों के एक ग्रुप द्वारा ‘ड्रोन सिटी’ बनाने के बारे में बात की थी. जैसे सूरत को ‘डायमंड सिटी’ और बेंगलुरु को देश की ‘सिलिकॉन वैली’ के तौर पर जाना जाता है, मुझे यकीन है कि एक दिन यह इलाका देश के ‘ड्रोन हब’ के तौर पर पहचाना जाएगा.
बता दें कि जहाज का नाम पूर्वी घाट की महेंद्रगिरी पर्वत श्रृंखला के नाम पर रखा गया है. यह पहला भारतीय नौसैनिक जहाज है जिसे यह नाम दिया गया है. यह नाम ताकत, मजबूती और दृढ़ संकल्प का प्रतीक माना जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि महेंद्रगिरी के शामिल होने से भारतीय नौसेना की ताकत और बढ़ गई है. यह भारत को स्वदेशी युद्धपोत बनाने वाले अग्रणी देशों में शामिल करता है. यह जहाज देश के समुद्री हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है.
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