firhad hakim: पश्चिम बंगाल में टीएमसी पार्टी की टूट की घटनाक्रम के चलते टीएमसी विधायक फिरहाद हकीम ने कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि बताया जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी (टीएमसी) के सदस्य हकीम ने पहले ही पद छोड़ने की इच्छा जताई थी और पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी को इस बारे में सूचित भी किया था. पार्टी नेता कुणाल घोष के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके इस्तीफे पर सहमति जताई है. इसके बाद फिरहाद से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया।
ममता के हाथ से छूटती कमान
कोलकता के मेयर फिरहाद हकीम का इस्तीफा ऐसे वक्त में आया है जब ममता बनर्जी के हाथ से पार्टी की कमान छूटती नजर आ रही है. बतातें दे कि ममता बनर्जी की ओर से शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष के नेता के तौर पर नामित किया गया था. लेकिन पार्टी के 80 में से 60 विधायक इस फैसले से नाखुश थे। इसके बाद टीएमसी नेता ऋतब्रत बनर्जी ने 58 विधायकों के सपोर्ट से खुद को असली टीएमसी बताया। आज स्पीकर ने भी ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता घोषित कर दिया है।
फिरहाद हकीम के इस्तीफे बीजेपी ने दी प्रतिक्रिया
बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने फिरहाद करीम के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने एक्स पर लिखा, दावत-ए-इस्लामी के मुख्य संरक्षक फिरहाद हकीम ने कभी पश्चिम बंगाल को पाकिस्तानश् बनाने की बात की थी और उर्दू को राज्य की मुख्य भाषा बनाने की वकालत की थी. उन्होंने कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है.।
भाजपा के सोशल मीडिया प्रभारी अमित मालवीय ने लिखा, उनका कार्यकाल तुष्टीकरण की राजनीति का सबसे बुरा उदाहरण था। उनके जाने से कोलकाता के नागरिक प्रशासन में एक बहुत ही विभाजनकारी अध्याय का अंत हुआ है. अच्छा हुआ छुटकारा मिल गया।
यह भी पढ़ें : ममता बनर्जी को बड़ा झटका, 60 विधायकों ने बनाया अलग गुट, ऋतब्रत बनर्जी को विधायक दल का नेता चुना
यह भी देखें: जयपुर में पेट्रोल-डीजल महंगाई पर हंगामा | हरदीप पुरी का पुतला दहन | कलेक्ट्रेट सर्किल पर प्रदर्शन



