Thalapathy Vijay News:तमिलनाडू में सरकार पर सस्पेंस बरकरार है. थलापति विजय की पार्टी TVK, DVK हो या फिर AIADMK किसी के पास भी बहुमत नहीं है. वैसे, तो इस विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. लेकिन उनके पास बहुमत का आंकड़ा नहीं है. जिसके वजह से राज्यपाल उन्हें सरकार बनने का मौका नहीं दे रहे हैं. ऐसे में विजय फंसे हुए नजर आ रहे हैं कि किसके साथ मिलकर सरकार बनाए. वहीं TVK समर्थकों ने शुक्रवार सुबह लोकभवन के सामने प्रदर्शन और नारेबाजी की. जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया.
दूसरी तरफ AIADMK, टीवीके को सत्ता से दूर रखने के लिए डीएमके के साथ गठबंधन करना चाह रही है. जिसके बाद डीएमके ने अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी AIADMK को बाहर से समर्थन देने की संभावना पर विचार करना शुरू कर दिया है. ताकि थलापति विजय को मुख्यमंत्री बनने से रोक सके.
सरकार बनाने की कोशिशों में जुटे विजय
थलापति विजय किसी भी तरह सरकार बनाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं. तमिलनाडू में कुल 234 सीटें है. TVK सबसे ज्यादा सीटों के साथ प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन वो बहुमत के लिए जरूरी आकंड़े 118 से पीछे रह गई है. इसके अलावा DMK को 59 सीटे और AIADMK को 47 सीटें मिली है. कांग्रेस के पांच विधायकों ने TVK को समर्थन दे दिया है. कांग्रेस की सीटों को मिलाने के बाद TVK के पास 113 सीटें हो गई है. लेकिन थलापति विजय ने 2 सीटों से चुनाव जीता है जिसकी वजह से उन्हें एक सीट खाली करने होगी. इसके बाद TVK के पास 112 सीटें रह जाएगी.
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स्टालिन ले सकते हैं कठिन फैसला
तमिलनाडू की किस्मत में अभी क्या है ये तो आने वाला समय ही बताएगा. लेकिन DMK चीफ स्टालिन ही सबकुछ तय करेंगे. AIADMK की तरफ से गठबंधन का प्रस्ताव भेजा गया है. स्टालिन अब अपनी जिंदगी का सबसे कठिन फैसला करने वाले हैं. अगर वो AIADMK के साथ गठबंधन करते हैं तो थलापति विजय की TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर भी मूकदर्शक बनकर रह जाएगी.
फिलहाल तमिलनाडू के सियासी गणित ने अचानक छोटे दलों को किंगमेकर बना दिया है. CPI, CPI(M) और वीसीके पास 2-2 विधायक हैं. वे सरकार बनाने की कवायद में संतुलन की भूमिका में है. TVK और AIADMK दोनों पार्टियां उनका समर्थन पाने की कोशिश में है. कहा यह भी जा रहा है कि अगर AIADMK बीजेपी से गठबंधन तोड़ती है तो DMK उसके प्रस्ताव पर विचार कर सकती है.



