Strait of Hormuz:अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से दावा किया गया है कि ईरान की 7 छोटी जहाजों को मिलिट्री ने डुबो दिया है. ट्रंप के मुताबिक ईरानी जहाज होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर हमला कर रही थी. हालांकि, यूएस सेंट्रल कमांड की तरफ से कहा गया है कि उन्होंने छह जहाजों को नष्ट किया है.
डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से साफ तौर पर कहा गया है कि ईरान के पास दो ही रास्ते हैं. या तो हमले झेलने के तैयार रहे या फिर ईमानदारी से समझौता करे. उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि अमेरिकी जहाजों को अगर ईरानी सेना ने निशाना बनाने की कोशिश की तो उन्हें धरती से मिटा दिया जाएगा. अमेरिका की तरफ से सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास प्रोजेक्ट फ्रीडम ऑपरेशन शुरू किया गया है. जिसके तहत वह वहां से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा दे रही है. इसी दौरान दोनों देशों के बीच जंग हुई. ईरान का कहना है कि होर्मुज पर उसका कंट्रोल है, उसकी इजाजत के बिना वे किसी जहाजों को गुजरने नहीं देंगे.
पीएम मोदी ने यूएई पर हुए हमले की निंदा की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हमलों की हम कड़ी निंदा करते हैं, जिनमें तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं. नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अस्वीकार्य है. भारत संयुक्त अरब अमीरात के साथ पूरी तरह एकजुट है और संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से सभी मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए अपना समर्थन दोहराता है. होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करना क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.
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“ईरान में सब ठीक चल रहा है”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि ईरान में सबकुछ ठीक चल रहा है. ट्रंप ने घेरलू नीतियों और छोटे कारोबारों की मदद पर भी बात की. यह कार्यक्रम ऐसे समय हो रहा है जब सरकार यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि उसकी नीतियां लोगों की जेब के लिए फायदेमंद है.
“अमेरिका का प्रोजेक्ट डेडलॉक’ बन गया”
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के प्रोजक्ट फ्रीडम पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट असल में डेडलॉक बन गया है. उन्होंने कहा कि होर्मुज में जैसे हालात बने हैं, उससे साफ है कि किसी राजनीतिक संकट का हल सैन्य कार्रवाई से नहीं निकल सकता. विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की मध्यस्थता में बातचीत आगे बढ़ रही है, इसलिए अमेरिका और यूएई को सावधान रहना चाहिए वे इस संघर्ष में और न फंसे.



