Iran US Israel War Ceasefire: ईरान की सैन्य और परमाणु नीति को लेकर एक बार फिर कड़ा संदेश सामने आया है. मुजतबा खामेनेई ने स्पष्ट कहा है कि ईरान अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं से किसी भी स्थिति में पीछे नहीं हटेगा. उनका यह लिखित बयान ईरान के सरकारी टीवी पर पढ़कर सुनाया गया. उन्होंने कहा कि देश की “परमाणु और मिसाइल ताकत” राष्ट्रीय संपत्ति है और इसकी हर हाल में रक्षा की जाएगी. साथ ही उन्होंने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में नए दौर की शुरुआत का जिक्र करते हुए दावा किया कि इससे क्षेत्र में शांति, विकास और आर्थिक लाभ के अवसर बढ़ेंगे.
“वे अपनी सुरक्षा भी ठीक से नहीं कर सकते”
मुजतबा खामेनेई ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने इतने कमजोर हैं कि वे अपनी सुरक्षा भी ठीक से नहीं कर सकते. ऐसे में वे अन्य देशों की सुरक्षा का दावा कैसे कर सकते हैं. उनके इस बयान को क्षेत्रीय तनाव के बीच एक अहम राजनीतिक संदेश माना जा रहा है. हालांकि, खामेनेई की सेहत को लेकर अब भी रहस्य बना हुआ है. रिपोर्ट्स के अनुसार, सुप्रीम लीडर बनने के बाद से वे कभी सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं और न ही उन्होंने कोई वीडियो या ऑडियो संदेश जारी किया है. उनके सभी बयान लिखित रूप में ही सामने आते हैं, जिन्हें सरकारी माध्यमों से पढ़कर सुनाया जाता है. ईरान में इसे उनकी सुरक्षा से जोड़कर देखा जाता है, क्योंकि अमेरिका और इजरायल की कथित “डिकैपिटेशन पॉलिसी” के तहत शीर्ष नेताओं को निशाना बनाए जाने का खतरा माना जाता है.
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पूरे घटनाक्रम से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा
इस बीच मसूद पजशकियान ने भी अमेरिका की नीतियों की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि ईरान के बंदरगाहों की किसी भी तरह की समुद्री नाकाबंदी अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है और यह वैश्विक शांति के लिए खतरा बन सकती है. “नेशनल पर्शियन गल्फ डे” के अवसर पर उन्होंने कहा कि ऐसी कोशिशें अंतत विफल होंगी. वहीं, डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन कथित तौर पर हॉर्मुज क्षेत्र में दबाव बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रहा है, ताकि ईरान को बातचीत के लिए मजबूर किया जा सके. इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है.



