Rajasthan Cabinet Meeting : राजस्थान में दो से ज्यादा संतान होने पर चुनाव लडने की पाबंदी अब खत्म कर दी गई है। अब दो से ज्यादा संतान वाले भी चुनाव लडकर जनप्रतिनिधी बन सकेंगे। राजस्थान की भजनलाल सरकार ने बुधवार को कैबिनेट बैठक में एक बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए पंचायत और निकाय चुनावों से जुड़े नियमों में क्रांतिकारी बदलाव को हरी झंडी दे दी है। अब राजस्थान में दो से अधिक संतान वाले व्यक्ति भी चुनाव लड़ने के पात्र होंगे। कैबिनेट के इस फैसले के बाद जल्द ही विधानसभा में संबंधित विधेयक पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में पहली बार विधानसभा मंत्रिमंडल कक्ष में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम ऐसे फैसले लिए गए हैं। सबसे बड़ा फैसला स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में दो संतान की अनिवार्यता को खत्म करने वाला रहा है। जिसने प्रदेश के लाखों संभावित उम्मीदवारों के लिए राजनीति के द्वार खोल दिए हैं।
28 साल पुरानी बंदिश खत्म
कैबिनेट ने राजस्थान पंचायत अधिनियम की धारा 19 और नगर पालिका अधिनियम की धारा 24 में संशोधन को मंजूरी दी है। बड़ा बदलाव यह है कि अभी तक दो से ज्यादा संतान होने पर स्थानीय चुनाव लड़ने पर पाबंदी थी, जिसे अब हटाने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले से उन हजारों जमीनी कार्यकर्ताओं को राहत मिलेगी जो संतान संबंधी नियमों के कारण चुनावी राजनीति से दूर थे। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब इस बिल को सदन में रखा जाएगा, जिसके बाद यह कानून का रूप लेगा। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने जानकारी दी है कि कैबिनेट ने राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 2026 और राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2026 को मंजूरी दे दी है।
अजमेर को सौगात- खुलेगा योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विश्वविद्यालय
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नया विश्वविद्यालयरू अजमेर में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा का नया विश्वविद्यालय खोला जाएगा। मंत्रिमंडल ने इस विश्वविद्यालय के प्रारूप का अनुमोदन कर दिया है, जिससे राजस्थान आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के हब के रूप में उभरेगा। यह भी पढ़ें : निजी बसों की हड़ताल मारपीट तक पहुंची, ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने मांगी सुरक्षा
राजस्व आसूचना एवं अपराध निदेशालय का गठन
ठगी और टैक्स चोरी रोकने के लिए सरकार ने एक नया और शक्तिशाली तंत्र बनाने का फैसला किया है। कार्यक्षेत्र इस नए निदेशालय का कार्यक्षेत्र संपूर्ण राजस्थान होगा। शेयर बाजार की अनियमितताएं, फर्जी नौकरियां, जमीनों के पंजीयन में धोखाधड़ी और ठगी जैसे अपराधों पर अब यह निदेशालय सीधी नजर रखेगा। इससे टैक्स चोरी और राजस्व लीकेज रुकेगा। सरकार ने इसके लिए 107 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी है।
यह भी देखें : Jaipur: शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, आंदोलन की चेतावनी
पहली बार विधानसभा में कैबिनेट एक नई परंपरा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई यह बैठक कई मायनों में खास रही। यह पहली बार है जब कैबिनेट की आधिकारिक बैठक विधानसभा के मंत्रिमंडल कक्ष में आयोजित की गई। बैठक के बाद डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा, मंत्री जोगाराम पटेल और राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने प्रेस वार्ता कर इन महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी साझा की।



